नई दिल्ली
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने बड़ी अनियमितता पकड़ी है। एयर इंडिया का एक बोइंग विमान पिछले कई दिनों तक बिना वैध ‘वायु योग्यता नवीनीकरण प्रमाणपत्र (एआरसी) के व्यावसायिक उड़ानें भरता रहा। यह प्रमाणपत्र हर विमान के लिए हर साल अनिवार्य होता है, जो यह साबित करता है कि विमान पूरी तरह सुरक्षित और उड़ने लायक है। विस्तारा के एयर इंडिया में विलय की प्रक्रिया के तहत यह तय हुआ था कि विलय के बाद विस्तारा के सभी 70 विमानों का पहला नया एआरसी खुद डीजीसीए जारी करेगा। डीजीसीए ने संतोषजनक जांच के बाद 69 विमानों को नया एआरसी दे दिया था।
सत्तरवें विमान के लिए एयर इंडिया ने आवेदन दिया था, लेकिन इंजन बदलने के काम के कारण विमान को कुछ समय के लिए जमीन पर खड़ा कर दिया गया। इसी दौरान उसका पुराना एआरसी समाप्त हो गया। इंजन बदलने के बाद विमान को फिर से उड़ान सेवा में लगा दिया गया, लेकिन नया एआरसी लेना भूल गए। 26 नवंबर 2025 को एयर इंडिया ने खुद डीजीसीए को सूचना दी कि उनका यह विमान बिना वैध एआरसी के 8 यात्री उड़ानें पूरी कर चुका है। सूचना मिलते ही डीजीसीए ने तुरंत जांच शुरू कर दी और संबंधित विमान को तत्काल प्रभाव से जमीन पर खड़ा करने का आदेश दिया। अभी नया एआरसी जारी करने की प्रक्रिया चल रही है।
डीजीसीए ने सख्ती दिखाते हुए जांच पूरी होने तक जिम्मेदार कर्मियों को तुरंत ड्यूटी से हटा दिया है। साथ ही एयर इंडिया को निर्देश दिया गया है कि वह अपनी पूरी व्यवस्था की आंतरिक जांच करे, कमियां ढूंढे और भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न हो, इसके लिए ठोस सुधार करे। यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ा यह मामला गंभीर है। डीजीसीए ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा नियमों में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

More Stories
पाकिस्तान का बड़ा खुलासा: ऑपरेशन सिंदूर में सेना ने हाफिज सईद और मसूद अजहर के लिए की लड़ाई
ईरान-खाड़ी तनाव चरम पर, UAE और ओमान पर मिसाइल-ड्रोन हमलों से मिडिल ईस्ट में युद्ध की आशंका बढ़ी
कांग्रेस के अधिकांश विजेता मुस्लिम, 5 राज्यों में दिखा एक जैसा चुनावी ट्रेंड