केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को कहा कि सरकार खेत से लेकर थाली तक बागवानी उत्पाद (सब्जियों) की कीमतों में भारी अंतर को दूर करने के लिए समिति गठित करेगी।राष्ट्रीय राजधानी में कृषि सम्मेलन को संबोधित करते हुए चौहान ने कहा, किसान पांच रुपये में सब्जियां बेचता है, तो उपभोक्ता 50 रुपये चुकाता है। इस अंतर को कम करने की जरूरत है।
अगले महीने ‘कृषि चौपाल’ शुरू होगी
टमाटर की कीमतों में उछाल रोकने के लिए उन्होंने प्रस्ताव दिया कि केंद्र और राज्य सरकारें संयुक्त रूप से परिवहन लागत में सब्सिडी दे सकती हैं ताकि शहरी उपभोक्ताओं को सब्जियां उचित दरों पर मिलें और किसानों के हितों की रक्षा हो सके। कृषि मंत्री चौहान ने अगले महीने ‘कृषि चौपाल’ शुरू करने की योजना के बारे में बताया। उन्होंने देशभर में 730 से अधिक कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) के कामकाज को ठीक करने की आवश्यकता पर बल दिया।
कृषि भारत की आर्थिक रीढ़
उन्होंने कहा, कुछ राज्य केवीके पर पर्याप्त ध्यान नहीं देते हैं। हमें बेहतर समन्वय की आवश्यकता है। उन्होंने राज्यों से कृषि में सर्वोत्तम प्रथाओं का प्रदर्शन करने के लिए 2-2.5 एकड़ के माडल फार्म विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, कृषि भारत की आर्थिक रीढ़ है। इस क्षेत्र को मजबूत किए बिना कोई प्रगति संभव नहीं है।

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