चंडीगढ़
ग्रामीण और खेत मजदूर संगठनों के संयुक्त मोर्चे ने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा को समाप्त करने को सही ठहराने के लिए 26 दिसंबर को ग्राम सभाओं के जरिए प्रस्ताव पारित कराने के फैसले का कड़ा विरोध किया है। संगठनों ने इसे मजदूरों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा कदम बताया है।
संयुक्त मजदूर मोर्चे ने घोषणा की है कि 26 दिसंबर को राज्यभर के गांवों में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। मोर्चे के नेताओं ने कहा कि सरकार की मजदूर और जन-विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष को और तेज किया जाएगा। संगठनों ने यह भी ऐलान किया कि मजदूरों की जायज मांगों को लेकर 6 और 7 जनवरी को पूरे पंजाब में डिप्टी कमिश्नर कार्यालयों के सामने बड़े पैमाने पर धरने दिए जाएंगे।

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