राजपुर/बड़वानी
बड़वानी जिले के राजपुर में पतंग को लेकर हुए विवाद के बाद शनिवार रात्रि दो पक्षों में पथराव के बाद अतिररिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा है। पुलिस अधीक्षक जगदीश डाबर ने बताया कि शनिवार शाम पतंग उड़ा रहे दो समुदाय के बच्चों के बीच विवाद हो गया। मारपीट के चलते एक पक्ष की शिकायत पर दूसरे पक्ष के तीन लोगों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर एक को हिरासत में ले लिया गया।
पुलिस फोर्स को राजपुर में तैनात किया गया
पुलिस अधीक्षक जगदीश डाबर ने बताया कि रात में एक पक्ष दूसरे पक्ष के मोहल्ले में घुस गया और उसने जमकर पथराव कर दिया। दूसरे पक्ष ने भी प्रतिक्रिया स्वरूप पथराव किया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। उन्होंने बताया कि घटना के चलते विभिन्न थानों की पुलिस फोर्स को राजपुर में तैनात किया गया। उन्होंने बताया कि घटना के चलते कुछ लोग घायल हुए हैं और तीन वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। पथराव की घटना के चलते वहां आयोजित किए जा रहे मेले में भी भगदड़ मच गई, हालांकि किसी जान माल के नुकसान की सूचना नहीं है।
50 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
बड़वानी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरज बब्बर ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायत पर करीब 50 लोगों के विरुद्ध मारपीट, पथराव और बलवा की धाराओं के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि एहतियात के तौर पर राजपुर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रखा गया है। पथराव की घटना में कोई भी घायल नहीं हुआ है। स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में हैं। राजपुर के थाना प्रभारी विक्रम सिंह बामनिया ने बताया कि रविवार को भी पुलिस द्वारा निगरानी की गई। फिलहाल स्थिति सामान्य व शांतिपूर्ण है।

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रीवा के राजस्व विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर: बिना किसी सरकारी आदेश के बदल दिया गया किसान की जमीन का नक्शा, RTI में हुआ सनसनीखेज खुलासा सिरमौर/रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के तहसील सिरमौर अंतर्गत ग्राम पिपरी में राजस्व अभिलेखों के साथ गंभीर छेड़छाड़ और ‘डिजिटल फर्जीवाड़े’ का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ एक किसान की निजी भूमि का नक्शा बिना किसी आवेदन, बिना किसी सक्षम न्यायालय के आदेश और बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के कंप्यूटर रिकॉर्ड (पोर्टल) पर बदल दिया गया है। क्या है पूरा मामला? ग्राम पिपरी निवासी आशीष मिश्रा (पिता श्री सम्पत प्रसाद मिश्रा) ने अपनी आराजी क्रमांक 88/1 एवं 88/2 के नक्शे में हुई संदिग्ध तरमीम (संशोधन) को लेकर सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी थी। महीनों के चक्कर लगवाने और प्रथम अपील के बाद जो जवाब विभाग से मिला, उसने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। RTI में विभाग ने खुद स्वीकारी ‘अंधेरगर्दी’: लोक सूचना अधिकारी एवं नायब तहसीलदार वृत्त बैकुण्ठपुर ने अपने लिखित प्रतिवेदन (पत्र क्रमांक 292/2026 दिनांक 06/02/2026) में स्वीकार किया है कि: कंप्यूटर नक्शे में तो तरमीम (बदलाव) दिख रहा है, लेकिन मूल पटवारी नक्शा शीट (Field Map) में इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। राजस्व अभिलेखों (खसरा आदि) में इस तरमीम से संबंधित कोई भी प्रविष्टि दर्ज नहीं है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि विभाग को यह भी नहीं पता कि यह बदलाव किस वर्ष में हुआ और किस अधिकारी के आदेश से किया गया। यानी बिना किसी फाइल और बिना किसी आदेश के रातों-रात कंप्यूटर पर नक्शा बदल दिया गया। पीड़ित का आरोप: “राजस्व अमले की मिलीभगत से हुआ खेल” पीड़ित आशीष मिश्रा का कहना है कि उन्होंने इसके लिए दो बार आवेदन दिए और कई बार अधिकारियों के चक्कर काटे। उन्होंने आरोप लगाया कि पटवारी और संबंधित राजस्व कर्मचारियों ने निजी स्वार्थ के चलते अभिलेखों में कूट-रचना (Forgery) की है। पीड़ित ने अब एसडीएम सिरमौर से मांग की है कि इस अवैध तरमीम को तत्काल निरस्त किया जाए और उन दोषियों पर एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए जिन्होंने सरकारी पोर्टल के डेटा के साथ छेड़छाड़ की है। अधिकारियों की चुप्पी: बिना आदेश के नक्शा बदलने का यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस ‘डिजिटल सेंधमारी’ को सुधारता है या फिर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। पीड़ित ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे उच्च न्यायालय (High Court) की शरण लेंगे। संपर्क हेतु (Contact Info): आशीष मिश्रा (पीड़ित) ग्राम पिपरी, तहसील सिरमौर, रीवा मोबाइल: 8959446240