रायपुर.
राजधानी से लगभग 125 किलोमीटर दूर बारनवापारा के घने जंगलों में सीजीपीएससी भर्ती घोटाले की साजिश रची जा रही थी। सीबीआइ की अंतिम चार्जशीट में राजफाश हुआ है कि आयोग के पूर्व अध्यक्ष टामन सोनवानी ने 35 चयनित अभ्यर्थियों को जंगल के एक रिसार्ट में ठहराकर परीक्षा की विशेष तैयारी कराई।
कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर ने इसमें सहयोग किया। इसी रिसार्ट के एक कमरे में प्रश्नपत्र लीक करने और चयन सूची तैयार करने की योजना बनाई गई। जांच में उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों, नेताओं और प्रभावशाली परिवारों से जुड़े अभ्यर्थियों का चयन किया गया। भूपेश बघेल की कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में सीजीपीएससी 2021 की परीक्षा 26 से 29 जुलाई को हुई थी। चार्जशीट में दावा किया गया है कि बारनवापारा के रिसार्ट में 11 से 24 मई 2022 के बीच 35 परीक्षार्थियों को ठहराया गया था। ये सभी कारोबारी, नेताओं और प्रभावशाली परिवारों से जुड़े थे। इनकी बुकिंग राहुल हरपाल ने की थी। अभ्यर्थियों को राज्य सेवा परीक्षा का असली प्रश्न पत्र दिया गया और उन्हें कमरों में ही परीक्षा हल करने की व्यवस्था की गई।
आरोपितों ने परीक्षा से लेकर चयन तक की प्रक्रिया के कई राज सीबीआइ के सामने उजागर किए हैं। विकास और उत्कर्ष चंद्राकर ने सीजीपीएससी मेंस का प्रश्नपत्र साल्वर को दिया। चार्जशीट में यह भी स्पष्ट हुआ कि पीएससी में चयन के लिए पद के अनुसार भारी-भरकम रेट तय थे, जैसे डिप्टी कलेक्टर बनने के लिए एक करोड़ रुपये।

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