झज्जर.
कासनी गांव निवासी अक्षिता धनखड़ का नाम आज पूरे देश में गूंज रहा है। वह भारतीय वायु सेना की फ्लाइट लेफ्टिनेंट हैं और गणतंत्र दिवस परेड में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ रहेंगी। अक्षिता ने बताया कि वे बचपन में गणतंत्र दिवस की परेड देखती थीं और कर्तव्य पथ पर खड़े होने का सपना देखती थीं।
पिता ने भी गणतंत्र दिवस की परेड में हिस्सा लिया था। उनकी कहानियां सुनकर वर्दी पहनने का सपना पक्का हो गया। बचपन की यादें ही कॅरिअर का आधार बनीं। अक्षिता ने दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज से पढ़ाई की। एनसीसी (नेशनल कैडेट कोर) में हिस्सा लिया। अक्षिता ने मेहनत से कैडेट सजेंट मेजर का रैंक हासिल किया। एनसीसी यूनिट ने उन्हें एक्स-सीएसएम कहकर याद किया क्योंकि उन्होंने साथी कैडेट्स को उदाहरण से प्रेरित किया। एनसीसी की मिलिट्री जैसी ट्रेनिंग ने उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से सेना के लिए तैयार किया। अक्षिता ने बताया कि यह उनके लिए गर्व का क्षण है। जहां उनको देश की राष्ट्रपति के साथ तिरंगा झंडा फहराने का मौका मिला है। राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद 27 तोपों की सलामी भी दी जाएगी। अक्षिता की माता सुनीता ने भी इसे गर्व का क्षण बताया।

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