भोपाल
मध्यप्रदेश के भोपाल जिले के 200 गांव में प्रशासन हवाई सर्वे करेगा। घर और निर्माणों पर फोकस होगा। हर मकान-दुकान, निर्माण की चतुर्सीमा को नापकर उसे रिकॉर्ड में लिया जाएगा। इससे गांवों में विकास योजनाओं में मदद मिलने के साथ ही घरों का मालिकाना हक देने की दिशा में भी काम बढ़ेगा।
महाराष्ट्र, यूपी समेत दक्षिण भारत के राज्यों में इसी तरह ड्रोन से हवाई सर्वे कर हर घर की मैपिंग की गई है। अब भोपाल में भी ऐसा होगा। गौरतलब है कि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अगले एक साल में 700 करोड़ रुपए की बड़ी राशि खर्च होना है। गांवों की मैपिंग के आधार पर इस राशि को खर्च करने की योजना में मदद मिलेगी।
जनगणना में मददगार
पहले चरण में मकान का सूचीकरण होना है। ग्रामीण क्षेत्र में हवाई सर्वे से मकानों के सीमांकन से सूचीकरण में मदद मिलेगी। उनके पास जियो टैगिंग मैपिंग का रिकॉर्ड होगा। उन्हें सिर्फ एक बार फिजिकल वेरिफिकेशन कर ओके करने से काम बन जाएगा।
मेट्रोपोलिटन रीजन के लिए निकलेगी जमीन
प्रशासनिक अफसरों के अनुसार मेट्रोपोलिटन रीजन को लेकर अभी डीपीआर तय हो रही है। भोपाल समेत आसपास के पांच शहरों को इसमें शामिल किया है। ये सर्वे भोपाल के बाद संबंधित जिलों में भी होगा। इससे जमीन की वास्तविक उपलब्धता व मकान निर्माण की स्थिति सामने आएगी।
दो चरणों में होगी जनगणनाजनगणना 2027 का कार्य दो चरणों में किया जाएगा। प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य अप्रैल से सितंबर 2026 के मध्य, राज्य शासन द्वारा निर्धारित 30 दिवस की अवधि में संपन्न किया जाएगा। द्वितीय चरण अंतर्गत जनसंख्या की गणना का कार्य नौ से 28 फरवरी 2027 की अवधि में किया जाएगा। जनगणना 2027 के लिए संदर्भ तिथि एक मार्च 2027 की रात्रि 12 बजे होगी।

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