March 20, 2026

EPFO: न्यूनतम पेंशन बढ़ोतरी पर सरकार का जवाब, कर्मचारियों के लिए अहम खबर

देश 

कर्मचारी पेंशन योजना यानी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत मिलने वाली पेंशन बढ़ाने की लंबे समय से चल रही मांग एक बार फिर संसद में उठी, लेकिन सरकार ने इस पर फिलहाल कोई ठोस राहत देने के संकेत नहीं दिए हैं।

EPFO: न्यूनतम पेंशन बढ़ोतरी पर सरकार ने दिया जवाब, कर्मचारियों के लिए खबर

EPFO Pension: कर्मचारी पेंशन योजना यानी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत मिलने वाली पेंशन बढ़ाने की लंबे समय से चल रही मांग एक बार फिर संसद में उठी, लेकिन सरकार ने इस पर फिलहाल कोई ठोस राहत देने के संकेत नहीं दिए हैं। लोकसभा में श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने साफ कहा कि अभी न्यूनतम पेंशन बढ़ाने या किसी नई सिफारिश को लागू करने की योजना नहीं है।
क्या है डिटेल

दरअसल, यह मुद्दा सांसद एन. के. प्रेमचंद्रन ने लोकसभा में उठाया था। उन्होंने सरकार से पूछा था कि क्या उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों पर कोई कार्रवाई होगी, क्या न्यूनतम पेंशन बढ़ाने पर विचार हो रहा है, और क्या पेंशनर्स को ज्यादा समय दिया जाएगा ताकि वे उच्च पेंशन के लिए जरूरी रकम जमा कर सकें।

सरकार ने क्या कहा

सरकार ने अपने जवाब में कहा कि कर्मचारी पेंशन योजना (EPS-95) एक “परिभाषित अंशदान-परिभाषित लाभ” स्कीम है। इसका मतलब है कि पेंशन फंड कर्मचारियों के नियोक्ता के 8.33% योगदान और केंद्र सरकार के 1.16% योगदान से बनता है (जो अधिकतम ₹15,000 सैलरी तक लागू है)। इसी फंड से सभी पेंशन दी जाती है, इसलिए इसकी वित्तीय स्थिति को संतुलित रखना जरूरी है।

न्यूनतम पेंशन पर बातचीत

न्यूनतम पेंशन को लेकर सरकार ने फिर दोहराया कि अभी भी ₹1,000 प्रति महीने की पेंशन दी जा रही है, जो बजट से अतिरिक्त सहायता के रूप में दी जाती है। हालांकि, इसे बढ़ाने को लेकर कोई नई घोषणा नहीं की गई। पेंशनर्स की मांग है कि इसे बढ़ाकर कम से कम ₹7,500 किया जाए, क्योंकि महंगाई के इस दौर में ₹1,000 बेहद कम मानी जा रही है।

उच्च पेंशन के मामले में सरकार ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के 2022 के फैसले के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने आवेदन किया। 31 जनवरी 2025 तक करीब 15.24 लाख आवेदन मिले थे, जिनमें से 99% से ज्यादा मामलों का निपटारा हो चुका है। पात्र लोगों को डिमांड लेटर भेजे जा चुके हैं और जिन्होंने पैसे जमा कर दिए हैं, उन्हें PPO भी जारी किया जा रहा है।

जहां तक अतिरिक्त समय देने की बात है, सरकार ने साफ किया कि डिमांड लेटर मिलने के बाद पेंशनर्स को केवल 3 महीने का समय दिया जाता है, और फिलहाल इस अवधि को बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। कुल मिलाकर, सरकार का रुख यही है कि पेंशन बढ़ाने से पहले फंड की दीर्घकालिक स्थिरता को ध्यान में रखना जरूरी है।