भोपाल
जिला न्यायालय ने कॉलेज छात्राओं के साथ दुष्कर्म, मारपीट, अश्लील वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी और धर्म परिवर्तन का दबाव डालने के मामले में सभी आरोपियों पर आरोप तय कर दिए हैं।
मुख्य आरोपी फरहान खान और उसके साथियों साहिल खान, अली अहमद, नबील, अबरार और साद उर्फ शम्सउद्दीन को न्यायालय ने बीएनएस की धारा 61(2), 64, 115(2), 35(2), 66(ई), 296 और मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम-2021 की धारा 3/5 के तहत अभियुक्त माना है।
1 सितंबर को अगली सुनवाई
न्यायालय ने एक मामले में धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3/5 को छोड़कर अन्य धाराओं में आरोप तय किए हैं। अब मामले की अगली सुनवाई 1 सितंबर को होगी। इस दिन अपर लोक अभियोजक ट्रायल प्रोग्राम प्रस्तुत करेंगे, जिसके बाद साक्षियों की गवाही शुरू की जाएगी।
अलग-अलग सुनवाई की अर्जी मंजूर
मुख्य आरोपी फरहान खान की इस मामले में पैरवी अधिवक्ता जगदीश गुप्ता कर रहे हैं। उन्होंने तीनों मामलों की अलग-अलग दिनांक पर सुनवाई का आवेदन किया था। इसको न्यायाधीश ने स्वीकार कर लिया है।
चार थानों में दर्ज हुए थे केस
छात्रा की शिकायत पर पहली एफआईआर 12 अप्रैल को बाग सेवनिया थाने में दर्ज हुई थी। इसके बाद अन्य पीड़ित छात्राओं ने भी सामने आकर अशोका गार्डन, ऐशबाग और जहांगीराबाद थानों में दुष्कर्म, मारपीट, ब्लैकमेल और धर्म परिवर्तन के दबाव के मामले दर्ज कराए। जांच पूरी होने के बाद जिला न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किए गए थे।

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