July 23, 2026

ओबीसी आरक्षण कोई कृपा नहीं, संवैधानिक अधिकार है: संयुक्त मोर्चा की आमसभा में नेताओं का ऐलान

भोपाल
राजधानी भोपाल के भेल दशहरा मैदान में रविवार को ओबीसी-एससी-एसटी संयुक्त मोर्चा द्वारा आयोजित आम सभा में कई नेताओं ने शिरकत की और प्रदेश सरकार से ओबीसी के लिए 27 फीसदी आरक्षण को शीघ्र बहाल करने की स्पष्ट मांग की। इस आम सभा में प्रदेशभर से 70 से अधिक सामाजिक संगठनों की भागीदारी देखने को मिली।

सभा को संबोधित करते हुए डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा कि ओबीसी समाज के संवैधानिक अधिकारों को वर्षों से अधर में रखा गया है, जो सामाजिक न्याय की भावना के विपरीत है।

उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर रिक्तियों में 27 प्रतिशत आरक्षण दिखाती है, वहीं दूसरी ओर 13 प्रतिशत पदों को होल्ड कर देना ओबीसी समाज के साथ अन्याय है।

डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा कि, "27 प्रतिशत आरक्षण कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं, बल्कि संविधान प्रदत्त अधिकार है। हम किसी का हक़ नहीं मार रहे बल्कि अपने हक़ की मांग कर रहे हैं।

जब तक ओबीसी को उसका पूरा हक़ नहीं मिलेगा, तब तक सामाजिक समानता की बात अधूरी रहेगी।" उन्होंने एससी-एसटी-ओबीसी को जनसंख्या के अनुपात में निजी क्षेत्रों में आरक्षण दिए जाने की भी वकालत की। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र में भी ओबीसी को आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए।