चंडीगढ़.
चंडीगढ़ में एचआईवी संक्रमण ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की राज्यसभा में पेश एक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2024 में शहर में एचआईवी के 166 नए मामले दर्ज किए गए। वर्ष 2023 में यह संख्या 82 थी। यानी एक वर्ष में 102 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
रिपोर्ट के अनुसार 2023 में जहां 17 मौतें हुई थीं, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर 35 हो गई। चंडीगढ़ में हर 208वां व्यक्ति एचआईवी से जूझ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार 2023 में जहां 17 मौत हुई थीं, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर 35 हो गई। एक वर्ष में मौतों का आंकड़ा दोगुना से अधिक होना स्वास्थ्य तंत्र के लिए चेतावनी है। वर्ष 2024-25 में एचआईवी संक्रमित की संख्या 5,996 दर्ज की गई। एचआईवी संक्रमितों का पीजीआई समेत शहर के अन्य सिविल अस्पतालों में इलाज चल रहा है। एचआईवी संक्रमित पंजीकृत लोगों में 45 प्रतिशत पंजीकृत लोग सेवा (सरकारी या निजी) कर रहे हैं, न कि ट्रक चालक या प्रवासी।
इलाज से संक्रमण को फैलने से बचाने के लिए काम किया जा रहा है। 2015 में संयुक्त राष्ट्र ने 2030 तक इस बीमारी को समाप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया था। इसके लिए यूएनएड्स ने 90-90 लक्ष्य निर्धारित किया था। लक्ष्य के अनुसार 2030 तक यह सुनिश्चित किया जाना है कि 90 प्रतिशत लोगों को अपनी एचआईवी स्थिति के बारे में जानकारी हो। इसके साथ 90 प्रतिशत एचआईवी संक्रमित लोगों को इलाज दिया जा सके।

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