जयपुर
पिंकसिटी के आसमान में अब शादियों और पार्टियों वाली लेजर लाइटें विमानों की राह में रोड़ा नहीं बन पाएंगी। जयपुर कमिश्नरेट पुलिस ने हवाई सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। एयरपोर्ट के आसपास के 5 किलोमीटर के दायरे में अब लेजर लाइट या किसी भी तरह की तीव्र रोशनी का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।
विमानों के लिए 'खतरा' बनी चकाचौंध
जयपुर के एडिशनल पुलिस कमिश्नर डॉ. राजीव पचार ने बुधवार को इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किए। जांच में सामने आया कि एयरपोर्ट के पास स्थित मैरिज गार्डन, होटल और क्लबों में होने वाले आयोजनों में अक्सर बेहद पावरफुल लेजर लाइट्स का उपयोग किया जाता है। इन लाइट्स की रोशनी आसमान में कई किलोमीटर ऊपर और काफी दूर तक जाती है। जब कोई विमान लैंडिंग या टेक-ऑफ की प्रक्रिया में होता है, तो ये किरणें पायलट की आंखों में सीधे चकाचौंध पैदा करती हैं। इससे न केवल पायलट का ध्यान भटकता है, बल्कि विमान के संचालन में गंभीर तकनीकी परेशानी और दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
7 जून तक 'नो लेजर जोन'
पुलिस प्रशासन ने इस प्रतिबंध को 7 जून तक प्रभावी रखने का निर्णय लिया है। आदेश के मुताबिक-
दायरे में कौन: सांगानेर एयरपोर्ट के चारों ओर 5 किलोमीटर का इलाका।
प्रभावित प्रतिष्ठान: इस दायरे में आने वाले लगभग 10 बड़े क्लब और होटल के साथ ही 20 से अधिक मैरिज गार्डन पर यह पाबंदी लागू होगी।
सख्ती: यदि कोई संचालक इन आदेशों की अवहेलना करते हुए लेजर लाइट का उपयोग करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध पुलिस नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी
शादियों के सीजन में प्रशासन का अलर्ट
चूंकि अभी शादियों और समारोहों का सीजन चल रहा है, ऐसे में गार्डन संचालक और इवेंट मैनेजर अक्सर ग्राहकों को लुभाने के लिए भव्य लेजर शो का आयोजन करते हैं। पुलिस ने निर्देश दिए हैं कि सभी संचालक यह सुनिश्चित करें कि रोशनी केवल उनके परिसर के भीतर और जमीन की ओर रहे, आसमान की तरफ कोई भी बीम न छोड़ी जाए। एयरपोर्ट अथॉरिटी और पायलटों की ओर से बार-बार मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस ने यह 'सुरक्षा कवच' तैयार किया है। अब परकोटा और आसपास के इलाकों में होने वाली पार्टियों की चकाचौंध विमानों की सुरक्षित उड़ान में खलल नहीं डाल सकेगी।

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