धार
मध्य प्रदेश के धार में एक पत्नी ने इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड की तरह अपने पति की हत्या कर दी. दो दिन पहले हुई घटना में पुलिस के सामने रो-रोकर बताया कि घर में लुटेरे घुसे थे जिन्होंने घटना को अंजाम दिया. लेकिन महिला की चालाकी पुलिस के सामने ज्यादा देर तक नहीं चली और पुलिस की सख्ती के बाद रटे तोते की तरह उसने सब उगल दिया. प्रेमी की खातिर उसने पति को रास्ते से हटाने की साजिश रची थी. पुलिस ने आरोपी पत्नी प्रियंका और उसके प्रेमी कमलेश को गिरफ्तार कर लिया है. जबकि सह-आरोपी सुरेन्द्र अभी फरार है. मामले में रोजाना नए-नए खुलासे हो रहे हैं।
परिजन ने लगाए प्रियंका पर गंभीर आरोप
इधर अपने इकलौते बेटे की मौत के बाद मृतक की मां लक्ष्मीबाई और बहन ज्योति सहित रिश्तेदार सदमें में हैं. मृतक की मां और बहन ने बताया कि, ''प्रियंका और देव कृष्ण का विवाह लगभग 11 वर्ष पूर्व हुआ था. बाद में 2021 में प्रियंका का गौना कर ससुराल ले आए थे, लेकिन शुरू से ही प्रियंका का व्यवहार पति और घरवालों के प्रति ठीक नहीं था. वह बात-बात पर विवाद करती थी और परेशान करती थी. साथ ही घर के लोगों से कई बार हाथापाई भी करती थी. यहां तक की प्रियंका द्वारा दिनभर मोबाइल फोन चलाने के चलते भी कई बार विवाद हुआ. वह रंग को लेकर भी भैया को ताने मारती थी।
रंग को लेकर मारती थी ताना
पूछताछ में प्रियंका ने पुलिस को बताया कि, पति का रंग काला था, इसलिए वह मुझे अच्छा नहीं लगता था. पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि, प्रियंका और देवकृष्ण का 2011 में बाल विवाह हुआ था. लेकिन विदाई नहीं हुई थी. इसी बीच प्रियंका की जिंदगी में 2017 में कमलेश की एंट्री हो गई, कमलेश उसका दूर का जीजा बताया जा रहा है. जिसके बाद से वह पति देवकृष्ण से दूरी बनाने लगी थी. चूंकि शादी पहले हो चुकी थी, इसलिए 21 में ससुराल गौना कर प्रियंका को घर ले आए थे. लेकिन ससुराल वालों के साथ उसका व्यवहार अच्छा नहीं रहा।
गालियां देती थी, केस में फंसाने की धमकी भी देती थी
देवकृष्ण की मां लक्ष्मीबाई ने बताया कि, ''रात में पड़ोसन का फोन आया था. कमरे में जाकर देखा तो बेटा औंधा पड़ा था. पलटाने पर वह खून से सना मिला. घर का दरवाजा खुला था और हमलावर भाग चुके थे.'' मां ने बताया कि, ''प्रियंका उन्हें बेटे से दूर रखती थी और धमकाती थी. वह गालियां देती थी और केस में फंसाने की धमकी भी देती थी. कमलेश से उसका अफेयर लंबे समय से चल रहा था और इसी वजह से घर में लगातार विवाद होता था।
धार में राजा राघुवंशी की तरह हत्याकांड
धार जिले के राजोद थाना क्षेत्र के गोंदीखेड़ा चारण में हुए सनसनीखेज लूट और हत्या के मामले का पुलिस ने चंद घंटों में खुलासा कर दिया है. इस पूरे हत्याकांड की साजिश मृतक की पत्नी प्रियंका ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर रची थी. पुलिस ने पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी अभी फरार हैं. 7 अप्रैल की रात मिर्ची व्यापारी देवकृष्ण पुरोहित की हत्या को पहले लूट की वारदात बताया गया था. पत्नी प्रियंका पुरोहित ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अज्ञात बदमाशों ने घर में घुसकर पति की हत्या कर दी और उसे बंधक बनाकर सोने-चांदी के आभूषण व नगदी लूटकर फरार हो गए।
हत्या के बाद गढ़ी लूट की कहानी
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल अपराध दर्ज कर विशेष टीमों का गठन किया. एसपी मयंक अवस्थी के निर्देशन में एएसपी पारुल बेलापुरकर और एसडीओपी विश्वदीप सिंह परिहार के मार्गदर्शन में पुलिस ने जांच शुरू की. घटनास्थल पर फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट, डॉग स्क्वॉड और साइबर टीम की मदद से बारीकी से जांच की गई. जांच के दौरान पुलिस को कई अहम तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्य मिले, जिससे संदेह की दिशा मृतक की पत्नी प्रियंका की ओर गया. पूछताछ के दौरान प्रियंका ने शुरुआत में पुलिस को गुमराह किया, लेकिन सख्ती और मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
सुपारी देकर करवाई पति की हत्या
प्रियंका ने बताया कि, ''उसका राजगढ़ निवासी कमलेश पुरोहित से लंबे समय से प्रेम संबंध था और पति से परेशान होकर उसने प्रेमी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची. आरोपी कमलेश ने अपने साथी सुरेन्द्र भाटी निवासी छडावद को 1 लाख रुपये देकर देवकृष्ण की हत्या करवाई और पूरी घटना को लूट का रूप देने की योजना बनाई गई. हत्या के बाद घर में सामान बिखेरकर लूट की झूठी कहानी रची गई, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके।
एसपी मयंक अवस्थी ने बताया कि, ''शुरू में लूट की कहानी सामने आई थी, लेकिन जांच में पत्नी पर शक हुआ. पूछताछ में प्रियंका ने कबूल किया कि कमलेश के साथ मिलकर उसने हत्या की साजिश रची थी. योजना के तहत दरवाजा खुला छोड़ा गया. कमलेश और सुरेंद्र घर में घुसे और सो रहे देवकृष्ण की धारदार हथियार से हत्या कर दी. बाद में इशारा मिलने पर प्रियंका ने 10-15 मिनट बाद शोर मचाया. पुलिस ने आरोपी पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है।
मृतक की मां ने बताया कि, ''प्रियंका तीन-चार दिन ही ससुराल में रहती थी और विवाद करके मायके चले जाती थी. अब घटना के बाद मां और बहन आरोपियों के खिलाफ फांसी की सजा की मांग कर न्याय दिलाने की बात कर रही हैं. फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और फरार आरोपी की तलाश जारी है, इस सनसनीखेज हत्याकांड के खुलासे के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।
वो बयान, जिसने प्रियंका पर शक पैदा किया
पुलिस जांच में प्रियंका के बयान विरोधाभासी पाए गए. उसने घुसपैठ के अलग-अलग तरीके बताए, जो सही नहीं थे. घटनास्थल की स्थिति भी उसकी कहानी से मेल नहीं खाती थी. जांच में सामने आया कि कमलेश शादीशुदा है और दो बच्चों का पिता है. वह ढाबा चलाता था, प्रियंका से उसके संबंध 2017 से थे. साजिश के तहत सुरेंद्र को एक लाख रुपए में हत्या का जिम्मा दिया गया था. 50 हजार एडवांस दिए गए थे. 7 अप्रैल की रात योजना के अनुसार वारदात को अंजाम दिया गया. प्रियंका ने लूट का नाटक रचने के लिए 3 लाख के जेवर और 50 हजार रुपए गायब होने की कहानी बनाई थी, लेकिन पुलिस ने यह सामान घर से ही बरामद कर लिया।
हत्या के बाद इशारा मिला, फिर चिल्लाई प्रियंका
एसपी मयंक अवस्थी ने बताया कि, '' शुरू में लूट की कहानी सामने आई थी, लेकिन जांच में पत्नी पर शक हुआ. पूछताछ में प्रियंका ने कबूल किया कि कमलेश के साथ मिलकर उसने हत्या की साजिश रची थी. योजना के तहत दरवाजा खुला छोड़ा गया. कमलेश और सुरेंद्र घर में घुसे और सो रहे देवकृष्ण की धारदार हथियार से हत्या कर दी. बाद में इशारा मिलने पर प्रियंका ने 10-15 मिनट बाद शोर मचाया. पुलिस ने आरोपी पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है।
50 हजार एडवांस दिए, 4 अप्रैल को मारना था
पड़ताल में सामने आया कि जिस सुरेंद्र ने वारदात को अंजाम दिया, वह कुख्यात अपराधी है. वह 2020 में मुंबई गोलीकांड में 4 साल जेल काट चुका है. 2025 में कुक्षी में हुई लूट में भी वांछित है. सुरेंद्र को कमलेश अच्छे से जानता था, इसलिए उसने उसे यह काम सौंपा. प्रियंका मायके में थी, वह वापस ससुराल लौटी और 31 मार्च को 1 लाख रुपए में पति देव की हत्या का सौदा कर डाला. 4 अप्रैल को ठिकाने लगाने की डील हुई. अरोपी सुरेंद्र को एडवांस के रूप में 50 हजार भी दे दिए।
सुरेंद्र 4 तारीख को नहीं पहुंचा तो कमलेश और प्रियंका ने रुपए वापस मांग लिए. सुरेंद्र ने काम पूरा करने का कहा और प्लानिंग अनुसार 7 अप्रैल की रात कमलेश के साथ देव के घर पहुंचा. यहां कमलेश बाहर पहरे पर तैनात हो गया और सुरेंद्र भीतर घुस गया. बाद में कमलेश की मौजदूगी में सुरेंद्र ने मर्डर किया और दोनों वहां से वापस निकल गए।
प्रियंका ने 3 लाख के जेवर व 50 हजार की लूट का नाटक रचा था. पुलिस ने जेवर- रुपए घर से बरामद कर लिए हैं. धार एसपी मयंक अवस्थी ने बताया अफेयर के चक्कर में पत्नी और उसके प्रेमी ने हत्याकांड को अंजाम दिया. मारते समय उन्हें नशे की गोली तो नहीं दी गई थी, यह जांच का विषय है. विसरा जांच के लिए लिया गया है।
क्या है राजा रघुवंशी मर्डर केस
इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी की मई 2025 में मेघालय के शिलॉन्ग में हनीमून के दौरान हत्या कर दी गई। जांच में उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी और कथित प्रेमी राज कुशवाहा समेत अन्य आरोपियों पर साजिश रचकर हत्या कराने का आरोप सामने आया।
शिलॉन्ग पुलिस की एसआईटी ने मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी है और कई आरोपी जेल में हैं, जबकि कुछ पर सबूत छिपाने/नष्ट करने के आरोप भी लगे हैं।

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