जालंधर.
पंजाब के जालंधर में खालसा के स्थापना दिवस के अवसर पर श्रद्धा और उत्साह से भरा भव्य खालसा नगर कीर्तन निकाला गया। यह मार्च गुरुद्वारा नवमीं पातशाही दुश निवारण साहिब से आरंभ हुआ, जहां सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हो गए थे।
धार्मिक परंपराओं के अनुसार गुरु ग्रंथ सहाब जी की पावन छत्रछाया में यह मार्च निकाला गया। इसकी अगुवाई गुरु के पांच प्यारों ने की, जो सिख परंपरा का प्रमुख प्रतीक माने जाते हैं। श्रद्धालु पूरे रास्ते में गुरु के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे।यह खालसा मार्च शहर के विभिन्न प्रमुख इलाकों से होकर गुजरा। इसमें मॉडल टाउन मार्केट, गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह साहिब मॉड टाऊन, , स्काईलार्क रोड, भगवान वाल्मिक चौक, अली मोहल्ला पुरी और पटेल चौक सहित कई स्थान शामिल रहे। अंत में यह मार्च ऐतिहासिक स्थल गुरुद्वारा छवमीं पातशाही बस्ती शेख पहुंचेगा।
श्रद्धालुओं के लिए किए गए विशेष प्रबंध
मार्च के मार्ग में शहर की विभिन्न धार्मिक, सामाजिक, व्यापारिक और राजनीतिक संस्थाओं द्वारा श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए विशेष प्रबंध किए गए। जगह-जगह लंगर लगाए गए, जहां लोगों को प्रसाद और भोजन वितरित किया गया। इसके अलावा कई स्थानों पर श्रद्धालुओं पर फूलों की वर्षा कर उनका स्वागत किया गया, जिससे पूरे शहर में भक्तिमय माहौल बन गया।
नगर कीर्तन में दिखा अनुशासन व सेवा भावना
खालसा नगर कीर्तन के दौरान अनुशासन और सेवा भाव का विशेष ध्यान रखा गया। स्वयंसेवकों ने व्यवस्था संभाली और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका पूरा ध्यान रखा गया। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज में भाईचारे, सेवा और एकता का संदेश भी देता है। बड़ी संख्या में युवा, बुजुर्ग और महिलाएं इसमें शामिल होकर गुरु साहिब के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त कर रहे हैं।

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