April 16, 2026

पंजाब में चुनावी सेमीफाइनल आज से: 9 नगर निगम और 104 नगर परिषदों में वोटिंग की शुरुआत

चंडीगढ़.

गर्मियों शुरू होते ही पंजाब का राजनीतिक पारा चढ़ने लगा है। अगले माह मई में यह पारा चर्म पर होगा। क्योंकि 16 या 17 मई को 9 नगर निगम व 104 नगर काउंसिल व नगर पंचायत के चुनाव होने जा रहे हैं। राज्य चुनाव आयोग ने इस प्रकार के संकेत दिए हैं कि मई के मध्य में ही वह चुनाव संपन्न कर सकता है।

इन चुनावों को लेकर 5 मई को अंतिम मतदाता सूची जारी हो जाएगी। जिसके तुरंत बाद राज्य चुनाव आयोग इसकी घोषणा कर सकता है। नगर निगम अबोहर की अवधि आठ अप्रैल, मोहाली, होशियारपुर और बठिंडा की 11 अप्रैल, बरनाला की 14 अप्रैल को समाप्त हो चुकी है। जहां पर स्थानीय सरकार ने प्रशासक लगा दिए हैं। जबकि बटाला की 18 अप्रैल, पठानकोट की 28 अप्रैल, मोगा की 12 मई और कोटकपूरा की अवधि 6 जून को पूरी हो रही है।

सात नगर निगम के कार्यकाल की अवधि होगी पूरी
मोगा और कोटकपूरा नगर निगम अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद या पहले भंग कर दिया जाएगा। जबकि बाकी के 7 नगर निगम के कार्यकाल की अवधि स्वत: ही पूरी हो जाएगी। कमोवेश यही स्थिति 104 नगर काउंसिल व नगर पंचायत में भी देखने को मिलेगी। 5 मई के बाद जिसका कार्यकाल पूरा होगा उसे भंग किया जाएगा। ताकि सभी के चुनाव एक साथ करवाए जा सकें। राजनीतिक रूप से इन चुनावों को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। क्योंकि इस साल के अंत या 2027 के शुरूआत में विधान सभा चुनाव होने हैं।

बता दें कि 16 मार्च 2022 को भगवंत मान ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। चूंकि अगले वर्ष जनगणना व परिसीमन की प्रक्रिया शुरू हो रही है। जिसकी वजह से अनुमान लगाया जा रहा हैं कि इस साल के अंत तक विधान सभा चुनाव की घोषणा हो सकती है। ताकि जनगणना से पहले चुनावी प्रक्रिया को पूरा किया जा सके। चूंकि यह चुनाव शहरी व अर्ध-शहरी क्षेत्रों में होने हैं। अत: इस चुनाव से पंजाब के शहरी मतदाताओं को रुझान भी सामने आ सकता है।

आम आदमी पार्टी को क्या मिल पाएगा स्पष्ट बहुमत
आम तौर पर नगर निगम व नगर काउंसिल चुनाव में हमेशा ही सत्तापक्ष का हाथ ऊपर रहता हैं लेकिन यह चुनाव उस समय होने जा रहे हैं जब सरकार का कार्यकाल मात्र छह से सात माह का ही रह जाएगा। सत्ता पक्ष के लिए यह चुनाव इसलिए भी चुनौती पूर्ण हैं क्योंकि नवंबर 2023 में जब जालंधर, लुधियाना, अमृतसर, फगवाड़ा व पटियाला नगर निगम के चुनाव हुए तो पटियाला को छोड़ कर किसी भी नगर निगम में आम आदमी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिल पाया था। हालांकि आम आदमी पार्टी ने सभी नगर निगमों में अपना मेयर बना लिया था। विधान सभा चुनाव से पहले होने वाला यह ‘महा चुनाव’ करीब 55 से अधिक विधान सभा सीटों के रुझान को भी दर्शाएगा।