चंडीगढ़
पंजाब में पोटाश की संभावनाओं के बाद अब प्राकृतिक गैस और कच्चे तेल की खोज के लिए नई पहल शुरू की गई है। खनन एवं भू-विज्ञान मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने सोमवार को बताया कि हाइड्रोकार्बन संसाधनों की खोज से राज्य के आर्थिक विकास में नया आयाम जुड़ सकता है।
मंत्री गोयल ने एमजीएसआइपीए में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधीन डायरेक्टर जनरल आफ हाइड्रोकार्बन (डीजीएच) और आयल इंडिया लिमिटेड (ओआइएल) के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की, जिसमें राज्य में प्रस्तावित सर्वेक्षण के लिए सहयोग मांगा गया।
अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल में डीजीएच के एचओडी अजय कुमार शर्मा, डीजीएम सुरेंद्र कुमार दास और ओआइएल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनुप कुमार समेत अन्य विशेषज्ञ शामिल रहे।
बैठक में पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों में तेल और गैस की संभावनाओं पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देश पर ओआइएल राज्य में 2डी सिस्मिक सर्वे करेगा, जिससे जमीन के नीचे मौजूद तेल और गैस भंडारों का वैज्ञानिक आकलन किया जा सकेगा। इस परियोजना का नाम ‘मिशन अन्वेषण’ रखा गया है।
सर्वे में श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, फरीदकोट, मोगा, जालंधर और कपूरथला जिलों को शामिल किया गया है। पंजाब सब-बेसिन में लगभग 169 लाइन किलोमीटर क्षेत्र में सिस्मिक सर्वे किया जाएगा, जिससे सटीक भू-वैज्ञानिक डाटा तैयार किया जा सकेगा।
मंत्री गोयल ने कहा कि इस पहल से ऊर्जा संसाधनों की खोज को गति मिलेगी और देश की विदेशी ऊर्जा पर निर्भरता कम होगी। साथ ही, राज्य में उद्योगों को बढ़ावा मिलने और रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव जसप्रीत तलवार, निदेशक खनन अभिजीत कापलिश और मुख्य अभियंता हरदीप सिंह मेंदिरत्ता समेत अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
पंजाब के खनन और भूविज्ञान मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि राज्य अपने जलकार्बन भंडार का दोहन करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इससे पहले, जलकार्बन महानिदेशालय और ऑयल इंडिया लिमिटेड के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रस्तावित सर्वेक्षणों के लिए समर्थन मांगने के लिए उनसे मुलाकात की थी।
केंद्रीय टीम ने श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, फरीदकोट, मोगा, जालंधर और कपूरथला सहित जिलों में प्राकृतिक तेल और गैस भंडार की संभावना पर प्रकाश डाला। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रव्यापी अन्वेषण अभियान के तहत जलकार्बन भंडार की पहचान करने के लिए बड़े पैमाने पर 2डी भूकंपीय सर्वेक्षण किया जाएगा।
केंद्र सरकार की “मिशन अन्वेषण” पहल के तहत किए जाने वाले इस सर्वेक्षण में पंजाब उप-बेसिन के लगभग 169 किलोमीटर क्षेत्र को शामिल किया जाएगा। इस अभ्यास का उद्देश्य सटीक भूवैज्ञानिक डेटा जुटाना और अनछुए क्षेत्रों में मौजूद खनिज और पेट्रोलियम संसाधनों का आकलन करना है।
अधिकारियों ने कहा कि यह पहल पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के उन निर्देशों के बाद की गई है, जिसमें पंजाब, राजस्थान और गंगा बेसिन सहित प्रमुख बेसिनों में अन्वेषण प्रयासों का विस्तार करना शामिल है।
इस कदम के महत्व पर जोर देते हुए गोयल ने कहा कि यह अन्वेषण अभियान एक व्यापक भूवैज्ञानिक डेटाबेस बनाने, आयातित ऊर्जा पर भारत की निर्भरता कम करने और आर्थिक विकास के नए रास्ते खोलने में सहायक होगा। उन्होंने आगे कहा, “इस तरह की पहल ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत करेगी, रोजगार के अवसर पैदा करेगी और पंजाब में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगी।”
मंत्री जी ने समय पर सर्वेक्षण पूरा करने के लिए पंजाब सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया और कहा कि भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार राज्य के समग्र विकास के लिए प्राकृतिक संसाधनों का दोहन करने के लिए प्रतिबद्ध है।
बैठक के दौरान राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें अतिरिक्त मुख्य सचिव जसप्रीत तलवार और खनन निदेशक अभिजीत कपलीश शामिल थे, भी उपस्थित थे।

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