April 29, 2026

रांची में ट्रैफिक जाम से राहत, दो नए फ्लाईओवर प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी

रांची

 राजधानी रांची में लंबे समय से लोगों को परेशान कर रही ट्रैफिक जाम की समस्या अब काफी हद तक कम होने की उम्मीद है। सरकार ने दो महत्वपूर्ण फ्लाईओवर परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है।

इसके निर्माण के बाद शहर के प्रमुख मार्गों पर आवागमन तेज, सुगम और समय बचाने वाला हो जाएगा। खासतौर पर हरमू–अरगोड़ा – डिबडीह और करमटोली–साइंस सिटी–चिरौंदी रूट पर लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

हरमू से अरगोड़ा चौक होते हुए डिबडीह ब्रिज तक  
हरमू से अरगोड़ा चौक होते हुए डिबडीह ब्रिज तक 3.804 किमी लंबा फ्लाईओवर बनाया जाएगा, जिसकी लागत करीब 469.62 करोड़ रुपये है। यह फ्लाईओवर कटहल मोड़(चापुटोली) और अशोक नगर तक भी जुड़ेगा।

करमटोली से साइंस सिटी होते हुए चिरौंदी तक
वहीं, करमटोली से साइंस सिटी होते हुए चिरौंदी तक 3.216 किमी लंबा फ्लाईओवर बनेगा, जिस पर लगभग 351.14 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके साथ मोरहाबादी को जोड़ने के लिए लिंक रोड भी तैयार किया जाएगा।

छह महीनों से चल रहा था लगातार सर्वे
इन परियोजनाओं को लेकर पिछले छह महीनों से लगातार सर्वे किया जा रहा था। इस दौरान ट्रैफिक लोड, सड़क की स्थिति, जमीन अधिग्रहण, यूटिलिटी शिफ्टिंग और भविष्य की जरूरतों जैसे कई पहलुओं का विस्तृत अध्ययन किया गया। इसके बाद डीपीआर तैयार कर मंजूरी के लिए भेजा गया, जिसे स्वीकृति भी मिल गई।
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तीन फ्लाईओवर के बनने से मिली है बड़ी राहत
राजधानी में पहले बने कांटाटोली, सिरमटोली-मेकान और रातू रोड फ्लाईओवर ने ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाया है। अब इन नई परियोजनाओं से शहर को और राहत मिलने की उम्मीद है। कांटाटोली और मेकान सिरमटोली कनेक्टिंग फ्लाईओवर का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके बनने से कांटाटोली फ्लाईओवर से वाहन चढ़ने के बाद मेकान चौक पर उतरेगी।

समय की बचत में बड़ा बदलाव
इन फ्लाईओवर के बनने के बाद अरगोड़ा से कडरू-हरमू तक पहुंचना आसान होगा। काव से डिबडीह ब्रिज तक करीब 15 मिनट की बचत होगी, जबकि चिरौंदी से करमटोली की दूरी 30 मिनट के बजाय सिर्फ 5 से 10 मिनट में तय हो सकेगी।

जाम से मिलेगी राहत
अरगोड़ा रोड, हरमू, कडरू, कटहल मोड़, बरियातू और मोरहाबादी जैसे इलाकों में रोजाना लगने वाले जाम से निजात मिलेगी। ट्रैफिक का दबाव कम होगा और वाहनों की आवाजाही अधिक सुचारू होगी।

स्कूल, कालेज और आफिस जाने वाले लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा। आपातकालीन सेवाओं की रफ्तार भी बढ़ेगी और शहर की कुल यातायात व्यवस्था अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बन सकेगी।