पटना.
बिहार की राजनीति में एक अहम बदलाव के संकेत के बीच नीतीश कुमार अब अपने नए आवास 7 सर्कुलर रोड में शिफ्ट हो चुके हैं। करीब दो दशकों तक 1 अणे मार्ग में रहने के बाद उनका यह स्थान परिवर्तन सियासी गलियारों में कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नीतीश कुमार के साथ उनके बेटे निशांत कुमार भी इसी आवास में रहेंगे। शुक्रवार को नए आवास में विधिवत पूजा-अर्चना के बाद शनिवार से यहां राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं। सम्राट चौधरी, डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी समेत कई वरिष्ठ नेताओं का आना-जाना शुरू हो गया है, जिससे साफ है कि 7 सर्कुलर रोड अब सत्ता-समीकरणों का नया केंद्र बनने जा रहा है।
20 साल बाद बदला पता, बढ़ी हलचल
करीब 20 वर्षों बाद आवास बदलने के फैसले को महज प्रशासनिक कदम नहीं, बल्कि राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। खासकर ऐसे समय में जब राज्य में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा तेज है, यह बदलाव और भी अहम हो जाता है।
‘7’ नंबर से खास जुड़ाव
नीतीश कुमार का ‘7’ अंक से खास लगाव लंबे समय से चर्चा में रहा है। 1977 में उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा, 1987 में युवा लोकदल के अध्यक्ष बने दोनों ही वर्षों में ‘7’ का संयोग रहा। 2005 में जब वे पहली बार मुख्यमंत्री बने, तब उनकी गाड़ी का नंबर 777 था। रेल मंत्री रहते उनके फोन नंबर का अंतिम अंक भी 7 बताया जाता है। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने ‘7 निश्चय’ योजनाओं की शुरुआत की, जो आज भी उनकी प्रमुख नीतिगत पहचान है। अब 7 सर्कुलर रोड में उनका शिफ्ट होना इस सिलसिले को और मजबूत करता दिख रहा है।
दिल्ली में भी नया ठिकाना
राज्यसभा सदस्य के रूप में नीतीश कुमार को नई दिल्ली में 9 नंबर का सरकारी बंगला आवंटित हुआ है। यह आवास अमित शाह और राहुल गांधी के आवास के नजदीक स्थित है, जो उनके राष्ट्रीय राजनीतिक कनेक्शन को भी दर्शाता है।

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