चंडीगढ़.
शहर में बढ़ती मरीजों की संख्या और अस्पतालों पर दबाव को कम करने के लिए केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने 2,154 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्र स्थापित करने की योजना को मंजूरी दी है। यह केंद्र ट्राइसिटी और आसपास के राज्यों के लोगों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।
केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने सेक्टर-53 में 13.6 एकड़ भूमि पर बनने वाले क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्र को स्वीकृति दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पंजाब के राज्यपाल एवं केंद्र शासित प्रदेश प्रशासक ने मंजूरी प्रदान की है तथा केंद्र सरकार से शीघ्र स्वीकृति देने का आग्रह किया है। करीब 2,154 करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना में 1,704 करोड़ रुपये भवन निर्माण और संबंधित सुविधाओं पर तथा 450 करोड़ रुपये अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों पर खर्च किए जाएंगे। यह केंद्र 1000 बिस्तरों वाला होगा, जिसमें 500 बिस्तर महिला एवं बाल स्वास्थ्य सेवाओं के लिए तथा 500 बिस्तर उच्च स्तरीय विशिष्ट चिकित्सा और आपातकालीन उपचार के लिए निर्धारित होंगे।
इस केंद्र में हृदय रोग, तंत्रिका रोग, पाचन तंत्र रोग, गुर्दा रोग सहित अनेक उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही यह संस्थान उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान का प्रमुख केंद्र भी बनेगा। वर्तमान में शहर के सरकारी अस्पतालों में बिस्तरों की कमी के कारण मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है और कई बार एक ही बिस्तर पर एक से अधिक मरीजों को रखना पड़ता है। ऐसे में यह नया चिकित्सा केंद्र स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
यह परियोजना न केवल चंडीगढ़ बल्कि मोहाली, पंचकूला तथा पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के लोगों को भी बेहतर और सुलभ उपचार उपलब्ध कराएगी। इससे बड़े सरकारी अस्पतालों पर बढ़ते दबाव में कमी आने की संभावना है।

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