May 8, 2026

अरुणाचल प्रदेश में महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी, सरकार ने कर्मचारियों को दिया तोहफा

ईटानगर
केंद्र सरकार ने अप्रैल महीने में अपने कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2 फीसदी की बढ़ोतरी की थी, जिसके बाद केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 60 फीसदी हो गया है.केंद्र सरकार के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी के बाद अब राज्‍य सरकारें भी अपने कर्मचारियों को तोहफा देने लगी हैं। 

अरुणाचल प्रदेश सरकार ने अब 7वें वेतन आयोग के तहत सेवारत कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता (DA) और पेंशनधारकों के लिए महंगाई राहत (DR) में दो प्रतिशत की  बढ़ोतरी का ऐलान किया है. बीते 6 मई को अरुणाचल प्रदेश ने इसका ऐलान किया। 

राज्‍य सरकार पर पड़ेगा इतना बोझ 
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के एक बयान में कहा गया है कि DA और DR में बढ़ोतरी एक जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएगी. सरकारी बयान में कहा गया है कि मई 2026 से बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता और महंगाई राहत, मासिक वेतन और पेंशन के साथ दिया जाएगा. इससे राज्य भर में 69,248 नियमित कर्मचारी और 40,477 पेंशनभोगी लाभ मिलेगा. इस बढ़ोतरी के कारण सालान बोझ करीब 100.54 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। 

किसे मिलेगा महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का लाभ? 
इसके अलावा, कर्मचारियों को जनवरी से अप्रैल तक की अवधि का बकाया भी आने वाली सैलरी के साथ भेजा जाएगा. बकाया पर कुल वित्तीय बोझ करीब 33.51 करोड़ रुपये होने का अनुमान है. बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता अरुणाचल प्रदेश सरकार के तहत काम करने वाले अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों, राज्‍य सरकार में काम करने वाले केंद्र सरकार के कर्मचारियों और राज्‍य सरकार के सभी रेगुलर कर्मचारियों को दिया जाएगा। 

इस राज्‍य सरकार ने भी की है बढ़ोतरी 
अरुणाचल के अलावा, अप्रैल में एक और राज्‍य सरकार ने महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का तोहफा दिया है. राजस्थान सरकार ने राज्य कर्मियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते में दो प्रतिशत की वृद्धि की है. राजस्‍थान सरकार के इस फैसले से 12 लाख से ज्‍यादा कर्मचारियों और पेंशनर्स को लाभ मिलेगा. सातवें वेतन आयोग के तहत महंगाई भत्ता और महंगाई राहत अब 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गया है और यह निर्णय एक जनवरी 2026 से प्रभावी होगा।  

राज्‍य सरकार के इस फैसले से लगभग 7.02 लाख राज्य कर्मचारी और 5.44 लाख पेंशनभोगी को लाभ होगा. इस फैसले से राज्य सरकार पर लगभग 1,156 करोड़ रुपये का एक्‍स्‍ट्रा बोझ पड़ने की संभावना है।