May 8, 2026

ऑपरेशन सिंदूर के बाद जेल में यूट्यूबर ज्योति, सुप्रीम कोर्ट में करेंगी बेल की अपील

हिसार
 भारत की पाकिस्तान पर हुई 'ऑपरेशन सिंदूर' एयर स्ट्राइक के बाद देश के खिलाफ जासूसी के आरोपों में घिरी ट्रैवल ब्लॉगर ज्योति मल्होत्रा ने अब सलाखों से बाहर आने के लिए देश की सर्वोच्च अदालत का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर ली है। पिछले एक साल से हिसार की जेल में बंद ज्योति की जमानत याचिका निचली अदालतों से दो बार खारिज हो चुकी है। अब उसके कानूनी सलाहकार पंजाब और हरियाणा के उन दो मामलों का हवाला देकर बेल मांगने की जुगत में हैं, जिनमें सीक्रेट एक्ट के तहत पकड़े गए आरोपियों को राहत मिल चुकी है।

पाकिस्तानी एंबेसी से लेकर चीन यात्रा तक का संदिग्ध सफर
सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर ज्योति तब आई थी, जब साल 2024 में उसकी यात्राओं का एक अजीब पैटर्न सामने आया। ज्योति 17 अप्रैल से 15 मई तक पाकिस्तान में रही और वहां से लौटने के महज 25 दिन बाद ही चीन के दौरे पर निकल गई। जांच में यह भी सामने आया कि पाकिस्तान यात्रा के दौरान उसने करतारपुर कॉरिडोर पर नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज का इंटरव्यू किया था। पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, ज्योति केवल एक ब्लॉगर नहीं थी, बल्कि उसने राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में जाकर सैन्य शिविरों और कश्मीर के महत्वपूर्ण बांधों के संवेदनशील वीडियो बनाकर पाकिस्तानी एजेंटों तक पहुंचाए थे।

ISI गुर्गों और उच्चायोग अधिकारियों से 'सीधी सेटिंग'
पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियों के पास मौजूद सबूतों के अनुसार, ज्योति के तार सीधे तौर पर पाकिस्तानी उच्चायोग के अधिकारी एहसान-उर-रहीम दानिश अली से जुड़े थे। मोबाइल डेटा की जांच में ISI के गुर्गे शाकिर, हसन अली और नासिर ढिल्लों के साथ उसकी नियमित बातचीत और बैठकों का खुलासा हुआ है। चार्जशीट में यह भी दर्ज है कि ज्योति को पाकिस्तान जाने से पहले दी गई ट्रैवल एडवाइजरी का उसने जानबूझकर उल्लंघन किया और संवेदनशील जानकारी साझा करने के बदले संपर्क बनाए रखे।

युवाओं को हनीट्रैप और पैसों का लालच
ज्योति मल्होत्रा का मामला उन सात चर्चित गिरफ्तारियों में से एक है, जो 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद हरियाणा और पंजाब से की गई थीं। जांच एजेंसियां मानती हैं कि पाकिस्तान 20 से 35 साल के मध्यमवर्गीय युवाओं को हनीट्रैप और पैसों के लालच में फंसाकर देश के खिलाफ इस्तेमाल कर रहा है। ज्योति के मामले में वकील रविंद्र सिंह ढुल का तर्क है कि जब समान धाराओं (सीक्रेट एक्ट) वाले अन्य आरोपियों को जमानत मिल सकती है, तो ज्योति को क्यों नहीं? अब सबकी नजरें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हैं कि क्या वह इन दलीलों को स्वीकार कर ज्योति को राहत देगा या फिर सुरक्षा एजेंसियों के ठोस सबूत उस पर भारी पड़ेंगे।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पकड़े गए थे जासूस बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद हरियाणा और पंजाब से कई जासूस पकड़े गए थे। सबसे पहले 8 मई को मालेरकोटला में 2 जासूस पकड़े गए। 13 मई को पानीपत से नोमान इलाही गिरफ्तार हुआ। इसके बाद पुलिस ने हिसार, नूंह, कैथल और जालंधर से गिरफ्तारियां कीं।

इन सभी की गिरफ्तारियों के बाद कुछ कॉमन चीजें सामने आई हैं। इसमें जासूसी के 6 आरोपियों के वीजा को लेकर नई दिल्ली में पाकिस्तानी एंबेसी से संपर्क हुआ। हिसार की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा के तो पाकिस्तानी एंबेसी अधिकारी दानिश से लिंक तक मिले। इन सभी ने पाकिस्तान की यात्रा भी की।

खास बात ये भी है कि ये सभी 20 से 35 साल की उम्र के यानी युवा हैं। इस उम्र में पैसे और हनीट्रैप के लालच से फंसाना आसान है। वहीं सभी मिडिल क्लास फैमिलीज से हैं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही पाकिस्तान से जुड़े लोगों पर नजर थी। इनकी कॉल और चैटिंग को इंटरसेप्ट किया गया तो इनके पाकिस्तानी जासूस होने का पता चला। इसके बाद इन्हें अरेस्ट कर लिया गया।

सैन्य शिविरों के वीडियो पाकिस्तानी एजेंटों तक पहुंचाए
बता दें कि ज्योति मल्होत्रा को 16 मई को पूछताछ के बाद उसके घर से पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने ज्योति से अलग-अलग पूछताछ की थी। ज्योति से पाकिस्तान के लिए जासूसी और पहलगाम मामले में टेरर कनेक्शन की भी जांच की गई।

इसके बाद पुलिस ने 90 दिन की जांच रिपोर्ट की बाद चार्जशीट कोर्ट में पेश की थी। चार्जशीट से जानकारी समाने आई थी कि ज्योति ने न केवल कश्मीर डैम के वीडियो बनाए बल्कि राजस्थान के बॉर्डर एरिया में जाकर सैन्य शिविरों के भी वीडियो पाकिस्तानी एजेंटों तक पहुंचाए। वह लगातार पाकिस्तानी एजेंटों से बातचीत करती थी।

पाकिस्तानी एजेंटों से की मीटिंग
पुलिस का दावा है कि ज्योति को पाकिस्तान यात्रा से पहले ही ट्रैवल एडवाइजरी बता दी गई थी। इसके बावजूद ज्योति ने उसका उल्लंघन किया। पाकिस्तानी एजेंटों से नंबर शेयर किए। उनसे मीटिंग भी की। पुलिस का दावा है कि ज्योति के मोबाइल फोन से पाकिस्तान उच्चायोग के अफसर एहसान-उर-रहीम दानिश अली के साथ व्यापक बातचीत का पता चला है। इसके अलावा आईएसआई के गुर्गे शाकिर, हसन अली और नासिर ढिल्लों के साथ नियमित संपर्क का भी पता चला है।

पाकिस्तान और चीन की यात्रा से शक के घेरे में आई थी ज्योति
ट्रैवल ब्लॉगर ज्योति मल्होत्रा सुरक्षा एजेंसियों की नजर में तब आई जब वह पिछले साल 2024 में 2 महीने के भीतर पाकिस्तान और फिर चीन गई थी। ज्योति मल्होत्रा के यूट्यूब पर अपलोड वीडियो की डेट के अनुसार वह 17 अप्रैल 2024 को पाकिस्तान गई थी।

15 मई तक वह पाकिस्तान में ही रही। इसके बाद भारत लौटी। पाकिस्तान से लौटने के 25 दिन बाद ही 10 जून को वह चीन चली गई। 9 जुलाई तक चीन में रही और फिर वहीं से 10 जुलाई को नेपाल में काठमांडू पहुंच गई। इससे पहले वह करतारपुर कॉरिडोर से पाकिस्तान गई तो वहां पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री और पूर्व पीएम नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज शरीफ से मिली और उनका इंटरव्यू तक किया।