चंडीगढ़
चंडीगढ़ से बड़ी खबर सामने आई है। Punjab and Haryana High Court ने हरियाणा ग्रुप-D भर्ती में एक्सीलेंट स्पोर्ट्स पर्सन (ESP) श्रेणी के चयनित उम्मीदवारों को बड़ी राहत देते हुए उनकी सेवाएं समाप्त करने की कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगा दी है।
अदालत ने याचिकाकर्ताओं की सेवाओं के संबंध में “यथास्थिति बनाए रखने” के आदेश दिए हैं। यानी अगली सुनवाई तक चयनित उम्मीदवार अपनी नौकरी जारी रख सकेंगे।
संशोधित सूची के बाद बढ़ा था विवाद
यह मामला उस समय सामने आया जब Haryana Staff Selection Commission द्वारा 18 मई 2026 को संशोधित चयन सूची जारी की गई।
नई सूची के आधार पर उन उम्मीदवारों की उम्मीदवारी रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई, जो पहले ही चयनित होकर विभिन्न विभागों में नौकरी जॉइन कर चुके थे।
स्पोर्ट्स ग्रेडेशन सर्टिफिकेट बना विवाद की वजह
याचिकाकर्ताओं ने अदालत में कहा कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान उनके सभी दस्तावेज और प्रमाणपत्रों की जांच पहले ही हो चुकी थी। इसके बावजूद महीनों तक सेवा लेने के बाद अब चयन रद्द करना पूरी तरह मनमाना और कानून के खिलाफ है।
मामला मुख्य रूप से स्पोर्ट्स ग्रेडेशन सर्टिफिकेट के सत्यापन से जुड़ा बताया गया। खेल विभाग की रिपोर्ट के आधार पर संशोधित सूची तैयार की गई थी।
हाई कोर्ट ने क्या कहा?
मामले की सुनवाई जस्टिस Sandeep Moudgil की अदालत में हुई।याचिकाकर्ताओं की ओर से वकील Jasbir Mor ने दलील दी कि चयनित उम्मीदवार नियमित रूप से सेवाएं दे रहे हैं और अचानक की गई कार्रवाई से उनका रोजगार खतरे में पड़ गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि फिलहाल वर्तमान स्थिति बरकरार रखी जाए। अदालत ने राज्य सरकार और अन्य पक्षों को जवाब दाखिल करने के निर्देश भी दिए हैं।
अगली सुनवाई 2 सितंबर को
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 2 सितंबर 2026 तय की है।
फिलहाल इस अंतरिम आदेश से उन खिलाड़ियों को बड़ी राहत मिली है, जिनकी सरकारी नौकरी संशोधित चयन सूची के बाद खतरे में पड़ गई थी।

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