10 हजार स्कूलों की बंदी और 45 हजार शिक्षकों के पद खत्म करने का आरोप, कांग्रेस ने बताया शिक्षा विरोधी कदम
खाद-बीज की भारी कमी से किसान परेशान, कांग्रेस बोली– सरकार कर रही खेती को बर्बाद
धान के समर्थन मूल्य में महज ₹69 की वृद्धि को बताया किसानों के साथ धोखा
बस्तर की खनिज संपदा बचाने पदयात्रा पूरी, निजीकरण और लूट के खिलाफ कांग्रेस का विरोध तेज
रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि भाजपा सरकार 10 हजार से अधिक स्कूलों को बंद करने जा रही तथा 45000 से अधिक शिक्षकों के पद समाप्त कर रही है। सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों विशेषकर बस्तर, सरगुजा, जशपुर जैसे जगहों पर स्कूलों की कमी होगी, सरकार झूठ बोल रही कि स्कूल बंद नहीं होंगे। भाजपा ने विधानसभा चुनावों में दावा किया था राज्य में 58000 शिक्षकों के पद खाली है। विधानसभा में घोषणा किया 35000 पद भरे जायेंगे, इस वर्ष बजट में भी 20000 शिक्षकों की भर्ती की बात की गयी है लेकिन यह भर्तियां नहीं करनी पड़े, इसलिये 45000 पद समाप्त किये जा रहे है। जब पद ही खाली नही रहेंगे तो भर्ती कहां से करेंगे। युक्तियुक्तकरण शिक्षा विरोधी, रोजगार विरोधी कदम है। 10 हजार स्कूलो के बंद होने से रसोईया, चौकीदार, भृत्य जैसे पद भी समाप्त होंगे हजारों लोगों के रोजगार के अवसर समाप्त होंगे। कांग्रेस इसके खिलाफ जमीनी लड़ाई लड़ेगी अब सभी जिलों एवं ब्लाकों में आंदोलन चलायेंगे शीघ्र ही आंदोलन का कार्यक्रम, तिथि और स्वरूप की घोषणा होगी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकारों से चर्चा करते हुये कहा कि सरकार की लापरवाही के कारण सोसायटियों में अभी तक खाद, बीज पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पाया है। इस वर्ष डीएपी की 3 लाख मीट्रिक टन की जरूरत है, अभी सिर्फ 81 लाख मीट्रिक टन ही उपलब्ध है। मानसून की दस्तक हो चुकी है। अभी तक सोसायटियो में उर्वरक पहुंच जाने चाहिये, किसान चितिंत है। सरकार नहीं चाहता किसान पूरी फसल ले पाये इसी लिये खाद बीज नहीं उपलब्ध करवाया जा रहा, ताकि पैदावार कम हो और कम धान खरीदना पड़े। कांग्रेस सभी जिला कलेक्टरों को ज्ञापन सौंपकर सोसायटियो में पर्याप्त मात्रा में खाद्य बीज उपलब्ध करवाने की मांग करेगी।
केंद्र सरकार के द्वारा तय समर्थन मूल्य में मात्र 69 रू. की वृद्धि को अपर्याप्त है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पिछले साल धान के एमएसपी में 5.36 प्रतिशत वृद्धि हुई थी, 2183 से 117 रुपए बढ़ते हुए 2300 रुपए प्रति क्विंटल किया गया था, इस बार मात्र 3 प्रतिशत?, जबकि महंगाई वृद्धि दर लगभग 8 प्रतिशत। 2022 तक किसानों की आय दुगुनी करने और सी 2 फार्मूले से लगात पर 50 प्रतिशत लाभ देने का वादा करके सत्ता में आई मोदी सरकार ने एक बार फिर किसानों को धोखा दिया है।
एमएसपी में वृद्धि के चलते 3100 और एमएसपी के अंतर की राशि जिसका लाभ किसानों को मिलना चाहिए उसे भाजपा की सरकार हड़प रही है। 3100 के साथ ही 2024-25 में किए गए एमएसपी में वृद्धि 117 तथा 2025-26 में किए गए एमएसपी में वृद्धि 69 को जोड़कर कुल 3286 रुपए प्रति क्विंटल होता है। अतः 3286 प्रति क्विंटल की दर से छत्तीसगढ़ में धान की खरीदी होनी चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बताया कि छत्तीसगढ़ के जल, जंगल, जमीन, खनिज संसाधनों को बचाने के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्वाधान में और प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में 26 से 29 मई 2025 को किरंदुल से दंतेवाड़ा तक 40 कि.मी. की न्याय पदयात्रा दंतेवाड़ा कलेक्ट्रेट घेराव के साथ संपन्न हुई। जनता ने इस पदयात्रा को खूब आर्शिवाद दिया।

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