मोहाली
आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस द्वारा जेल भेजे गए पूर्व अकाली मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के वकीलों की ओर से अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश की अदालत में अर्जी दाखिल की गई है। इस अर्जी में कहा गया है कि बिक्रम सिंह मजीठिया को सामान्य बंदियों के साथ न रखा जाए। उनकी बैरक बदली जाए, क्योंकि एक तरफ सरकार उनकी सुरक्षा की बात करती है और दूसरी तरफ उन्हें सामान्य बंदियों के साथ रखा जा रहा है। उन्हें जिस जगह रखा गया है, वहां कैमरे भी लगे हुए हैं।
मजीठिया के वकीलों ने एक और अर्जी दाखिल कर विजिलेंस से बिक्रम सिंह मजीठिया की 'ग्राउंड ऑफ अरेस्ट' की कॉपी मांगी है। वकीलों ने उक्त अर्जी के साथ जेल मैनुअल की एक प्रति भी संलग्न की है। अदालत ने इस अर्जी पर विजिलेंस को 14 जुलाई (सोमवार) के लिए नोटिस जारी किया है। देखना यह है कि सोमवार को विजिलेंस इस अर्जी पर अदालत में क्या जवाब दाखिल करती है। इस बीच, विजिलेंस ने अदालत को सर्च वारंट के बारे में जानकारी दी है कि सैनिक भवन, दिल्ली की तलाशी पूरी हो चुकी है, जिसके संबंध में एक पेन ड्राइव भी अदालत में पेश की गई है, जबकि दिल्ली स्थित सराया कंपनी के सर्च वारंट पर अभी जांच पूरी नहीं होने की बात कही जा रही है।
इस बीच, बिक्रम सिंह मजीठिया की न्यायिक रिमांड 19 जुलाई को समाप्त होने जा रही है और सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि विजिलेंस 19 जुलाई से पहले मजीठिया का दोबारा रिमांड लेती है या नहीं, क्योंकि सरकार की ओर से पेश हुए विशेष प्रॉसिक्यूटर ने कहा था कि अगर जांच एजेंसी कोई और सबूत लेकर आती है तो उन्हें 3 दिन का और रिमांड लेने का कानूनी अधिकार है।

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