पश्चिम चंपारण
महात्मा गांधी की ऐतिहासिक कर्मभूमि पर उनके प्रपौत्र तुषार गांधी का अपमान किए जाने का मामला सामने आया है। यह घटना पश्चिम चंपारण जिले के तुरकौलिया क्षेत्र की है, जहां तुषार गांधी को कार्यक्रम स्थल से जबरन हटाए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
जानकारी के अनुसार, तुषार गांधी 12 जुलाई से चंपारण सत्याग्रह की याद में पश्चिम चंपारण से पदयात्रा पर निकले हैं। रविवार को वे अपनी यात्रा के क्रम में तुरकौलिया के ऐतिहासिक नीम के पेड़ के पास पहुंचे थे, जहां महात्मा गांधी ने कभी किसानों के हक में आवाज बुलंद की थी।
लेकिन कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते ही स्थानीय मुखिया विनय साह द्वारा उन्हें कार्यक्रम से बाहर कर दिया गया। इस घटना को लेकर तुषार गांधी ने गहरा आक्रोश जताया और कहा, "चंपारण में लोकतंत्र की हत्या हुई है।" उन्होंने यह भी कहा कि यह न सिर्फ उनका, बल्कि महात्मा गांधी की विरासत और विचारों का अपमान है। इस घटना के बाद मौके पर हल्का तनाव का माहौल भी बन गया। तुषार गांधी के समर्थकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई।

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