चंडीगढ़
पंजाब में धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए भगवंत मान सरकार एक नया और सख्त कानून बनाने जा रही है। इस कानून का मसौदा तैयार करने के लिए विधानसभा में बनाई गई 15 सदस्यीय सिलेक्ट कमेटी ने सोमवार को अपनी पहली बैठक की। कमेटी ने फैसला किया है कि कानून को प्रभावी बनाने के लिए आम जनता से भी सुझाव लिए जाएंगे।
कमेटी के चेयरमैन और आम आदमी पार्टी के विधायक डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर ने बैठक के बाद बताया कि कमेटी 6 महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट तैयार करके विधानसभा स्पीकर को सौंप देगी। उन्होंने कहा कि कानून बनाने के लिए आम जनता से ईमेल, वॉट्सऐप और डाक के जरिए सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे। इसकी पूरी रणनीति अगली बैठक में तय की जाएगी, जो मंगलवार दोपहर 2:30 बजे होगी।
सोमवार को हुई पहली बैठक में 13 सदस्य शामिल हुए। डॉ. निज्जर ने कहा कि कमेटी की योजना हर हफ्ते बैठक करने की है और जरूरत पड़ने पर एक सब-कमेटी भी बनाई जाएगी। उन्होंने कहा, “हमारी कोशिश यही रहेगी कि कानून बनाने में जो भी कमियां पहले रह गई थीं, उन्हें इस बार दूर किया जाए।”
इस 15 सदस्यीय कमेटी में सत्ताधारी ‘आप’ के अलावा कांग्रेस और अन्य दलों के विधायक, पूर्व मंत्री और शिक्षाविद भी शामिल हैं। डॉ. निज्जर ने यह भी कहा कि पंजाब के 117 में से कोई भी विधायक अगर सुझाव देना चाहता है तो वह भी दे सकता है, ताकि एक सर्वसम्मति से मजबूत कानून बनाया जा सके।

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