May 7, 2026

ई-मेल से फैली सनसनी: जयपुर एयरपोर्ट और CMO को उड़ाने की धमकी, पुलिस सतर्क

जयपुर

राजधानी जयपुर में आज सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एयरपोर्ट प्रशासन को एक धमकी भरा ई-मेल मिला। इस ई-मेल में जयपुर एयरपोर्ट को विस्फोटकों से उड़ाने की बात कही गई थी, साथ ही मुख्यमंत्री कार्यालय को भी एक-दो घंटे में निशाना बनाने की धमकी दी गई। ई-मेल मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गईं और एयरपोर्ट परिसर में सघन सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया।

एयरपोर्ट पर सघन तलाशी अभियान
धमकी भरा ई मेल मिलते ही सीआईएसएफ ने एयरपोर्ट की सुरक्षा को हाई अलर्ट पर रखते हुए तलाशी अभियान शुरू किया। एयरपोर्ट टर्मिनल, एप्रन एरिया, पार्किंग स्थल और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की गहन जांच की जा रही है। हालांकि अभी तक किसी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री की बरामदगी नहीं हुई है। एयरपोर्ट पर यात्रियों की आवाजाही सामान्य है लेकिन अतिरिक्त चेकिंग और निगरानी की जा रही है।

मुख्यमंत्री कार्यालय को उड़ाने की धमकी, प्रशासन सतर्क
ई-मेल में केवल एयरपोर्ट ही नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री कार्यालय को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। मेल में स्पष्ट तौर पर लिखा गया कि एक-दो घंटे में सीएम ऑफिस को भी उड़ा दिया जाएगा। इसके बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने सीएमओ और उसके आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा बढ़ा दी है। सभी संदिग्ध गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।

साइबर सेल कर रही जांच
एयरपोर्ट प्रशासन ने धमकी भरे ई मेल की जानकारी तुरंत पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस की साइबर सेल ने मेल की सत्यता और स्रोत की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह साफ नहीं हो सका है कि मेल किसी आतंकी संगठन की ओर से भेजा गया है या किसी शरारती तत्व की साजिश है। फिर भी मामले को गंभीरता से लेते हुए हर एंगल से जांच की जा रही है। मेल भेजने वाले की पहचान के लिए तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है।

लगातार मिल रहे हैं धमकी भरे ई मेल
गौरतलब है कि 2025 में अब तक बम विस्फोट की यह 16वीं धमकी है। अकेले मई महीने में जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम को चार बार निशाना बनाया जा चुका है। इसके अलावा कई बार स्कूल, अस्पताल, होटल, मेट्रो स्टेशन और अदालतों को भी धमकियां मिल चुकी हैं। इन धमकियों के अधिकतर मामले फर्जी साबित हुए हैं, लेकिन हर बार सुरक्षा एजेंसियों को पूरे संसाधनों के साथ सतर्कता बरतनी पड़ी है। करीब पांच दिन पहले भी माहेश्वरी गर्ल्स स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। इसके बाद 3500 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था। इससे पहले 30 मई को मानसरोवर मेट्रो स्टेशन, 2 कोर्ट परिसरों मेट्रो कोर्ट और फैमिली कोर्ट में बम की झूठी धमकी दी गई थी। वहीं 8, 12 और 13 मई को सवाई मानसिंह स्टेडियम को उड़ाने की धमकी भी दी गई।  इस ई-मेल में रेप पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग भी की गई थी।

सचिवालय में बढ़ाई सुरक्षा
एक बार फिर धमकी भरे मेल मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर जयपुर के प्रशासनिक दफ्तरों में भी हलचल तेज हो गई है। सचिवालय में पुलिस की टीम पहुंच गई है और यहां की सुरक्षा भी बढ़ाई गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय में BDS, SDRF की टीम तैनात है।

अफवाहों से बचें, सहयोग करें
जयपुर एयरपोर्ट प्रशासन और पुलिस विभाग ने नागरिकों और यात्रियों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, शांति बनाए रखें और जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करें। सुरक्षा में कोई भी चूक न हो, इसके लिए चौतरफा सतर्कता बरती जा रही है।

You may have missed

रतलाम के डायल-112 हीरोज सड़क हादसे में घायल हुए तीन लोगों को समय पर पहुँचाया अस्पताल भोपाल रतलाम जिले के थाना रिंगनोद क्षेत्र मेंडायल-112 जवानों की त्वरित प्रतिक्रिया और संवेदनशील कार्यवाहीसे सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल तीन व्यक्तियों को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उपचार दिलाया गया। समय पर मिली सहायता से घायलों को शीघ्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकी। 07 मई को सुबह राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना रिंगनोद क्षेत्र अंतर्गतबिनोलीफंटा रोडपर दो मोटर साइकिलों की आमने-सामने से टक्कर हो गई है, जिसमें तीन व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना मिलते ही रिंगनोद थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। डायल 112 स्‍टॉफआरक्षक चंद्रपाल सिंह एवं पायलट मंगलेश्वर सूर्यवंशीने मौके पर पहुँचकरपाया कि मोटरसाइकिल दुर्घटना में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। डायल-112 जवानों ने बिना समय गंवाए सभी घायलों कोएफआरव्ही वाहनकी सहायता से तत्कालशासकीय अस्पताल जावरापहुँचाया।डायल-112 जवानों की तत्परता से घायलों को समय पर उपचार मिल सका। डायल 112 हीरोजश्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा हर आपात परिस्थिति में त्वरित सहायता, संवेदनशीलता और जनसेवा की भावना के साथ आमजन के लिए सदैव सक्रिय और प्रतिबद्ध है।