May 7, 2026

सीएम भजनलाल शर्मा की सुरक्षा में भारी चूक, चार्टर प्लेन की गलत लैंडिंग से मचा हड़कंप

जयपुर 

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के चार्टर विमान की गलत लैंडिंग का मामला सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। घटना 31 जुलाई दोपहर करीब 3 बजे की है, जब सीएम दिल्ली से फालौदी के लिए फाल्कन-2000 चार्टर विमान से रवाना हुए थे। विमान को फालौदी के एयरफोर्स स्टेशन पर उतरना था, लेकिन पायलटों की गलती से वह पास ही स्थित सिविल एयरस्ट्रिप पर उतर गया। रनवे पर लैंड करते ही पायलटों को अपनी चूक का एहसास हुआ और उन्होंने तुरंत विमान को दोबारा टेक-ऑफ कराया। करीब 5 किलोमीटर दूर स्थित फालौदी वायुसेना स्टेशन पर फिर सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। अब इस मामले में DGCA ने बड़ा एक्शन लिया है।
सीएम भजनलाल के प्लेन की इसिलए कराई गई गलत लैडिंग  

    चार्टर कंपनी ने इस चूक की सूचना DGCA (नागर विमानन महानिदेशालय) को दी। जांच में सामने आया कि दोनों एयरस्ट्रिप की दिशा और भौगोलिक स्थिति आपस में काफी मिलती-जुलती हैं। इसी वजह से पायलटों को कन्फ्यूजन हुआ और यह बड़ी चूक हो गई।
    DGCA सूत्रों के अनुसार, पायलटों को उड़ान से पहले दोनों एयरफील्ड की सटीक जानकारी नहीं दी गई थी। यही इस चूक का मुख्य कारण माना जा रहा है।

पायलटों से क्यों हुई चूक?

डीजीसीए सूत्रों के अनुसार, इस चूक का मुख्य कारण फलौदी में दो हवाई पट्टियों की समान भौगोलिक स्थिति है। फलौदी में सिविल एयरस्ट्रिप और वायुसेना स्टेशन के रनवे की दिशा और बनावट में काफी समानता है, जिसके चलते पायलट भ्रमित हो गए। इसके अलावा, उड़ान से पहले पायलटों को दोनों हवाई अड्डों के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई थी।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उड़ान-पूर्व ब्रीफिंग को और सख्त करना होगा। चार्टर कंपनी ने डीजीसीए को इस गलत लैंडिंग की स्वैच्छिक रिपोर्ट दर्ज की है। सूत्रों ने बताया कि सिविल एयरस्ट्रिप और वायुसेना स्टेशन के बीच करीब 5-10 किलोमीटर का फासला है, लेकिन दोनों की समान विशेषताओं के चलते पायलटों से गलती हो गई। डीजीसीए ने इस मामले को गंभीरता से लिया है।
मुख्यमंत्री का कार्यक्रम और वापसी?

बता दें, लैंडिंग के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा हेलीकॉप्टर से रामदेवरा पहुंचे, जहां उन्होंने कुछ घंटे बिताए। इसके बाद वे उसी विमान से फलौदी वायुसेना स्टेशन से जयपुर लौटे। विमान रात में दिल्ली वापस चला गया। सूत्रों का कहना है कि ऐसी घटनाओं में त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई के लिए बेहतर तालमेल की जरूरत है।
फ्रांसीसी व्यावसायिक जेट है फाल्कन

बताते चलें कि फाल्कन-2000 एक फ्रांसीसी व्यावसायिक जेट है, जो 8-10 यात्रियों को 6,000 किलोमीटर की रेंज तक ले जा सकता है। डीजीसीए की जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि पायलटों को उड़ान-पूर्व ब्रीफिंग में क्या कमियां थीं और इस चूक को कैसे रोका जा सकता था। क्योंकि ऐसी घटनाओं से बचने के लिए ऑपरेटरों को उड़ान-पूर्व प्रक्रियाओं को और मजबूत करना होगा।

क्यों राजस्थान के पायलट ड्यूटी से हटे

    सुरक्षा पर सवाल DGCA ने तत्काल प्रभाव से दोनों पायलटों को उड़ान ड्यूटी से हटा दिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। इस तरह की गलती अगर मिलिट्री एरिया में होती तो सुरक्षा और कानूनी संकट खड़ा हो सकता था।
    सीएम भजनलाल शर्मा घटना के बाद हेलीकॉप्टर से रामदेवरा दर्शन के लिए गए और फिर फालौदी लौटकर उसी विमान से जयपुर पहुंचे। बाद में विमान दिल्ली रवाना हो गया।

DGCA ने इस मामले को सुरक्षा में गंभीर चूक माना

    दोनों एयरस्ट्रिप की दिशा, भौगोलिक स्थिति और पहचान—पायलटों को उड़ान से पहले स्पष्ट तौर पर पता होनी चाहिए थी।

    सैन्य हवाईपट्टी के बजाय सिविल एयरस्ट्रिप पर उतरने से सुरक्षा, परिचालन और संभावित कानूनी संकट पैदा हो सकता था।

    घटना के बाद चार्टर कंपनी ने खुद यह पूरी रिपोर्ट विभाग को दी, और जांच में पाया गया कि उड़ान से पहले पर्याप्त ब्रीफिंग और सतर्कता नहीं बरती गई थी।

    इसी गंभीर प्रोफेशनल लापरवाही और सुरक्षा के मद्देनज़र DGCA ने दोनों पायलटों को तत्काल प्रभाव से ड्यूटी से हटा दिया है और विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

You may have missed

रतलाम के डायल-112 हीरोज सड़क हादसे में घायल हुए तीन लोगों को समय पर पहुँचाया अस्पताल भोपाल रतलाम जिले के थाना रिंगनोद क्षेत्र मेंडायल-112 जवानों की त्वरित प्रतिक्रिया और संवेदनशील कार्यवाहीसे सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल तीन व्यक्तियों को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उपचार दिलाया गया। समय पर मिली सहायता से घायलों को शीघ्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकी। 07 मई को सुबह राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना रिंगनोद क्षेत्र अंतर्गतबिनोलीफंटा रोडपर दो मोटर साइकिलों की आमने-सामने से टक्कर हो गई है, जिसमें तीन व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना मिलते ही रिंगनोद थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। डायल 112 स्‍टॉफआरक्षक चंद्रपाल सिंह एवं पायलट मंगलेश्वर सूर्यवंशीने मौके पर पहुँचकरपाया कि मोटरसाइकिल दुर्घटना में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। डायल-112 जवानों ने बिना समय गंवाए सभी घायलों कोएफआरव्ही वाहनकी सहायता से तत्कालशासकीय अस्पताल जावरापहुँचाया।डायल-112 जवानों की तत्परता से घायलों को समय पर उपचार मिल सका। डायल 112 हीरोजश्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा हर आपात परिस्थिति में त्वरित सहायता, संवेदनशीलता और जनसेवा की भावना के साथ आमजन के लिए सदैव सक्रिय और प्रतिबद्ध है।