खरगोन
जिले के धूलकोट सांदीपनि विद्यालय में छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार की शिकायतों की अनदेखी का भारी खामियाजा भुगतना पड़ा है। इंदौर के कमिश्नर दीपक सिंह ने सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने प्रभारी प्राचार्य सत्यनारायण मालवीय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई खरगोन कलेक्टर भव्या मित्तल से मिली रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
दरअसल, अंशकालिक मजदूर पवन शर्मा पर स्कूल की छात्रों के साथ अनुचित हरकत करने के आरोप लगे थे। इस पर छात्राओं ने कई बार शिकायत की थी। लेकिन प्रभारी प्राचार्य सत्यनारायण मालवीय ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। इसके बाद जुलाई महीने में छात्र छात्राओं और उनके पेरेंट्स ने भगवानपुरा थाने का घेराव किया था। साथ ही भगवानपुर धूलकोट मार्ग पर 3 से 4 घंटे तक चक्का जाम कर दिया गया था।
प्रदर्शन के बाद भी प्राचार्य की बेरुखी
परिजनों के प्रदर्शन के बावजूद प्रभारी प्राचार्य मालवीय ने अपनी बेरूखी बनाए रखी और कोई कार्रवाई नहीं की थी। वहीं, छात्राओं की शिकायत पर कलेक्टर भव्या मित्तल ने एसडीएम खरगोन से जांच कराने के निर्देश दिए थे। जांच में प्रथम दृष्टिया मालवीय की गम्भीर लापरवाही सिद्ध हुई थी। इसके बाद इंदौर कमिश्नर ने प्रभारी प्राचार्य के एमपी सिविल सेवा नियम 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए है।
सत्यनारायण मालवीय (मूल पद लेक्चरर, कृषि) का मुख्यालय अब कार्यालय, परियोजना प्रशासक, एकीकृत आदिम जाति विकास परियोजना खरगोन रखा गया है। उनके स्थान पर उच्च माध्यमिक शिक्षक विनोद सांवलिया को अस्थाई रूप से सांदीपनि विद्यालय धूलकोट का प्राचार्य का दायित्व दिया गया है।

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