पटना
बिहार के विकास में केंद्र और राज्य की सरकारें यानी डबल इंजन की सरकार पूरी सिद्दत से लगी हुई है। इसी का नतीजा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब तक 7 बार बिहार आ चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज यानी शुक्रवार को बिहार पहुंचकर बिजली, सड़क, स्वास्थ्य, शहरी विकास और जल आपूर्ति जैसे विभिन्न क्षेत्रों में लगभग 13,000 करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन किया। वहीं इस मौके पर सीएम नीतीश कुमार भी मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री बक्सर में 6,880 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 660 मेगावाट की बिजली परियोजना समेत कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया। वह गंगा नदी पर 1,870 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित 1.86 किलोमीटर लंबे छह लेन वाली औंटा-सिमरिया पुल परियोजना का भी उद्घाटन किया इससे पटना के मोकामा और बेगूसराय के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा।
अमृत भारत एक्सप्रेस और बौद्ध सर्किट ट्रेन को दिखाई हरी झंडा
प्रधानमंत्री दो ट्रेनों – गया और दिल्ली के बीच अमृत भारत एक्सप्रेस और वैशाली और कोडरमा के बीच बौद्ध सर्किट ट्रेन – को भी हरी झंडी दिखाई। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 12,000 ग्रामीण लाभार्थियों और प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत 4,260 लाभार्थियों को चाबियां सौंपी।
होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र का भी किया उद्घाटन
प्रधानमंत्री लगभग 1,900 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित एनएच-31 के चार लेन वाले बख्तियारपुर-मोकामा खंड का भी उद्घाटन किया, जिससे यातायात की भीड़ कम होगी, यात्रा का समय बचेगा और यात्री एवं माल ढुलाई में वृद्धि होगी। वह मुजफ्फरपुर में होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र का भी उद्घाटन किया। इस केंद्र में उन्नत ऑन्कोलॉजी ओपीडी, आईपीडी वार्ड, ऑपरेशन थिएटर, आधुनिक प्रयोगशाला, ब्लड बैंक और 24 बिस्तरों वाली गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) शामिल हैं। इस केंद्र से बिहार और पड़ोसी राज्यों के मरीजों को उन्नत व किफायती कैंसर देखभाल मिलेगी, जिससे इलाज के लिए दूर-दराज के महानगरों में जाने की आवश्यकता कम हो जाएगी।
शहरी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का भी किया शिलान्यास
प्रधानमंत्री लगभग 1,260 करोड़ रुपये की लागत वाली शहरी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया। इनमें औरंगाबाद और जहानाबाद के दाउदनगर में एसटीपी और सीवरेज नेटवर्क, लखीसराय और जमुई के बरहिया में एसटीपी और इंटरसेप्शन एवं डायवर्जन कार्य शामिल हैं। अटल कायाकल्प एवं शहरी परिवर्तन मिशन के अंतर्गत, वह औरंगाबाद, बोधगया और जहानाबाद में जलापूर्ति परियोजनाओं की आधारशिला रखी।

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