भोपाल
भोपाल व इंदौर के बाद बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में भी मेट्रो दौड़ेगी। श्री महाकालेश्वर से इंदौर और पीथमपुर तक मेट्रो रेल चलाई जाएगी। इन तीन शहरों के बीच 84 किलोमीटर का सफर मेट्रो से हो सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट की बैठक में नगरीय विकास एवं आवास विभाग के इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव में श्री महाकालेश्वर, उज्जैन-इंदौर-पीथमपुर मेट्रो कॉरीडोर के लिए डीपीआर बनाने के लिए परामर्श शुल्क की वित्तीय स्वीकृति दी गई।
मेट्रो सिंहस्थ के बाद ही चल पाएगी
उज्जैन-पीथमपुर तक मेट्रो चलाने के लिए सर्वे का काम दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन (डीएमआरसीएल) को दिया गया है। सर्वे का काम सिंहस्थ तक हो जाएगा लेकिन मेट्रो सिंहस्थ के बाद ही चल पाएगी। उज्जैन -इंदौर-पीथमपुर लाइन के प्रथम चरण में श्री महाकालेश्वर उज्जैन- लवकुश चौराहा इंदौर एवं द्वितीय चरण में लवकुश चौराहा इंदौर से पीथमपुर, मेट्रो रेल परियोजना की डीपीआर बनाई जा रही है।
नौ लाख रुपये प्रति किमी की दर पर बनेगी DPR
महाराष्ट्र व ओडिशा में मेट्रो की डीपीआर बनाने का काम 12 लाख प्रति किमी पर दिया गया है, लेकिन मप्र में यह काम नौ लाख रुपये प्रति किमी की दर पर किया जाएगा। अध्ययन रिपोर्ट तैयार करने का कार्य दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड को सौंपा गया है। देश की सबसे अनुभवी दिल्ली मेट्रो शासकीय कंपनी है।
डीपीआर बनाने का कार्य प्रक्रियाधीन
वर्तमान में प्रथम चरण के प्रथम भाग की डीपीआर बनाने का कार्य प्रक्रियाधीन है। उज्जैन-इंदौर-पीथमपुर लाइन के प्रथम चरण पर डीपीआर के लिए 4.23 करोड़ रुपये साथ में जीएसटी का व्यय होगा। द्वितीय चरण में लवकुश चौराहा, इंदौर से पीथमपुर पर डीपीआर के लिए 3.51 करोड़ रुपये व जीएसटी का व्यय होगा।

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