नई दिल्ली
हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष बनाए गए राव नरेंद्र सिंह का कई सीनियर नेताओं ने विरोध किया था। कैप्टन अजय सिंह यादव ने यह कहते हुए विरोध किया था कि किसी स्वच्छ छवि वाले नेता को कमान मिलनी चाहिए थी, लेकिन उससे उलट फैसला हुआ है। इससे कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरा है।
इसे आंतरिक कलह और गुटबाजी के तौर पर देखा गया था, लेकिन राव नरेंद्र सिंह ने ही इसे खत्म करने का जिम्मा उठा लिया है। वह खुद मंगलवार को कई नेताओं से जाकर मिले, जिन्हें उनके विरोधी खेमे का नेता माना जाता है। इन नेताओं में चौधरी वीरेंद्र सिंह, रणदीप सुरजेवाला शामिल हैं। यही नहीं अपनी नियुक्ति का ही विरोध करने वाले कैप्टन अजय यादव से भी उन्होंने मीटिंग की।

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