चंडीगढ़
पंजाब यूनिवर्सिटी को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, केंद्र सरकार ने पंजाब यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव किया है। इसके तहत 59 साल पुरानी सीनेट और सिंडिकेट को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है। इस संबंध में केंद्र सरकार की ओर से आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है।
अब यूनिवर्सिटी का संचालन वाइस चांसलर की अध्यक्षता में बने एक “बोर्ड ऑफ गवर्नर्स” द्वारा किया जाएगा। इस बोर्ड में केंद्र सरकार, यूजीसी (UGC) और चंडीगढ़ प्रशासन के प्रतिनिधि शामिल होंगे। केंद्र सरकार के आदेशों के बाद अब यूनिवर्सिटी में सीनेट चुनाव नहीं होंगे और ग्रेजुएट वोटरों को कोई प्रतिनिधित्व नहीं मिलेगा। पहले 91 सदस्यीय सीनेट और 15 सदस्यीय सिंडिकेट यूनिवर्सिटी की नीतियां और बजट तय करते थे, लेकिन अब यह सभी शक्तियां नए गठित बोर्ड ऑफ गवर्नर्स को सौंप दी जाएंगी।

More Stories
वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (संशोधन) विधेयक 2026 विधानसभा से पारित
झारखंड के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की टीम ने छत्तीसगढ़ संवाद द्वारा प्रकाशित ‘रोजगार और नियोजन’ की ली जानकारी
झज्जर में आरटीई डेटा पर सख्ती: 315 स्कूलों ने भरा, 51 को निदेशालय का अल्टीमेटम