गांधीनगर
भारत कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी करने जा रहा है। ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन ने इसे लेकर खुशी जताई है। उनका मानना है कि इससे खिलाड़ियों को अधिक मौके मिलते हैं। वे इससे प्रेरित होते हैं। गांधीनगर में स्थित राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचीं मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने 2030 में आयोजित होने जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स को लेकर कहा है कि पिछले कुछ वर्षों में देश में स्पोर्ट्स कल्चर काफी डेवलप हुआ है। भारत में कॉमनवेल्थ गेम्स के आयोजन से देश को मिलने वाले मेडल की संख्या में इजाफा होगा। इसके साथ ही देश को आर्थिक रूप से भी लाभ मिलेगा। उनका मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के कारण यह संभव हो सका है।
ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन ने आईएएनएस से कहा, " जब छोटे बच्चे देखते हैं कि भारत में इस तरह के खेल हो रहे हैं, तो इससे उन्हें बहुत प्रेरणा मिलती है। जब मैं 2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स देखती थी तो सोचती थी कि मैं भी भारत का प्रतिनिधित्व करूंगी। अब जब यह भारत में हो रहा है तो इसकी बहुत खुशी है। जब कॉमनवेल्थ गेम्स दूसरे देशों में हो रहा हो, तो बहुत सारे लोग वहां जाकर इसे नहीं देख पाते, लेकिन जब यह भारत में हो रहा है, तो बहुत सारे छोटे बच्चे इसे देख सकते हैं। यह बहुत बड़ी बात है। इसका आयोजन गुजरात में हो रहा है, जो यहां के खिलाड़ियों के लिए बहुत बड़ी बात है। हमें लगता है कि यह एक बड़ा मौका है।"
ओलंपिक पदक विजेता ने कहा, "पहले क्रिकेट को बहुत महत्व दिया जाता था, लेकिन पीएम मोदी ने दूसरे खेलों को लेकर लोगों में दिलचस्पी पैदा की है। वह दूसरे खेलों के लिए बहुत कुछ कर रहे हैं। यह बहुत बड़ी बात है। सरकार अच्छा काम कर रही है।" कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी अहमदाबाद शहर को मिली है। इसकी मेजबानी के लिए भारत का मुकाबला नाइजीरिया के अबुजा से था, लेकिन कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ने अफ्रीकी देश को 2034 के एडिशन के लिए विचार में रखने का फैसला किया।

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