नारनौल
महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल उपमंडल के कोजिन्दा गांव निवासी सेवानिवृत्त जेई हनुमान प्रसाद नारनौलिया के परिवार की यह कामयाबी शिक्षा के क्षेत्र में एक नया रिकॉर्ड बना रही है। 40 वर्षीय लक्ष्मी और 22 वर्षीय उज्ज्वल ने अपनी लगन और मेहनत के दम पर यह सफलता हासिल की। जब उज्ज्वल ने सीईटी फॉर्म भरने की तैयारी की, तो उसकी मां ने भी इच्छा जताई कि वे भी परीक्षा दें। बेटे ने ही दोनों के ग्रुप-सी के फॉर्म पहली बार भरे और दोनों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए परीक्षा पास कर ली।
लक्ष्मी की जीवन यात्रा भी प्रेरणादायक है। अटेली के पास स्थित गांव तोबड़ा में 1985 में जन्मी लक्ष्मी की शादी केवल 18 साल की उम्र में कोजिन्दा गांव के मेनपाल से हो गई थी। विवाह और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने अपनी पढ़ाई कभी नहीं छोड़ी। शादी के बाद उन्होंने एएनएम का डिप्लोमा पूरा किया और अब सीईटी परीक्षा में भी सफलता हासिल की है। उनके पति मेनपाल धारुहेड़ा की एक प्राइवेट कंपनी में मैनेजर हैं जिसके कारण पूरा परिवार वहीं रहता है।
उज्ज्वल ने भी अपनी मां के साथ परिवार का नाम रोशन किया है। बीकॉम करने के बाद वह फिलहाल गुरुग्राम विश्वविद्यालय से एमबीए कर रहा है। उसकी मेहनत ने साबित किया है कि घर से मिलने वाली प्रेरणा व्यक्ति को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है। लक्ष्मी सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय हैं। वे पूरे एनसीआर में ‘सीड ऑटो टेक’ नाम से एनजीओ चलाती हैं, जिसका उद्देश्य गरीबों को मुफ्त दवाइयां उपलब्ध कराना है।

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