चंडीगढ़
हरियाणा पढ़ाओ अभियान को लेकर सरकार की सख्ती के चलते अवैध गर्भपात करवाने वाली महिलाओं में कमी आई है। इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में 23 प्रतिशत कम गर्भपात हुए हैं। इससे हजारों बेटियों की जान बची जिससे लड़कियों का लिंगानुपात गत वर्ष के 909 के मुकाबले इस वर्ष बढ़कर 918 तक जा पहुंचा है।
अवैध लिंगानुपात की जांच एवं गर्भपात को रोकने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा गठित स्पेशल टास्क फोर्स की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में मंगलवार को लिंगानुपात में सुधार पर संतोष जताते हुए नया लक्ष्य निर्धारित किया गया। आरएस ढिल्लो ने एमटीपी किट की अवैध बिक्री तथा पीएनडीटी के मामलों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि जिन जिलों में पिछले वर्ष के मुकाबले में कम लिंगानुपात सामने आया है, उन जिलों के नोडल आफिसर अपने क्षेत्र में अवैध लिंग जांच तथा उसके बाद होने वाले गर्भपात के मामलों पर नजर रखें।

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