राजकोट
हैदराबाद के ओपनर अमन राव ने विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में इतिहास रच दिया. अमन ने राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में मंगलवार (6 जनवरी) को अपने करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि हासिल की. अमन ने नाबाद दोहरा शतक जड़ा. अमन इस टूर्नामेंट में दोहरा शतक जड़ने वाले हैदराबाद के पहले बल्लेबाज हैं. अमन ने 154 गेंदों पर नाबाद 200 रन बनाए, जिसमें 13 छक्के और 12 चौके शामिल रहे. खास बात यह रही कि अमन ने आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर अपना दोहरा शतक पूरा किया.
पहले बल्लेबाजी करते हुए हैदराबाद ने 352/5 का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसकी नींव अमन राव की ऐतिहासिक पारी ने रखी. अमन ने बंगाल के उस गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया, जिसमें मोहम्मद शमी, मुकेश कुमार और आकाश दीप जैसे स्टार गेंदबाज शामिल हैं. ये तीनों गेंदबाज भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट में धमाल मचाते आए हैं.
तेज गेंदबाजों के खिलाफ अमन राव ने बेखौफ अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए शमी, मुकेश और आकाश दीप के खिलाफ अकेले 120 रन ठोके, जिनमें 8 छक्के शामिल थे.
अमन ने 65 गेंदों में अर्धशतक और 108 गेंदों में शतक पूरा किया. इसके बाद सिर्फ 46 गेंदों में दोहरे शतक तक पहुंच गए. यह अमन राव का सीनियर क्रिकेट में पहला शतक भी है. टूर्नामेंट के शुरुआती दो मैचों में उन्होंने 39 और 13 रन बनाए थे, लेकिन तीसरे मुकाबले में उन्होंने इतिहास रच दिया.
अमन राव का 200* हैदराबाद की ओर से लिस्ट-ए क्रिकेट का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है. यह विजय हजारे ट्रॉफी इतिहास का 9वां दोहरा शतक है. साथ ही मौजूदा विजय हजारे ट्रॉफी सीजन का दूसरा दोहरा शतक रहा. इससे पहले ओडिशा के स्वास्तिक सामल ने सौराष्ट्र के खिलाफ 212 रन बनाए थे.
विजय हजारे ट्रॉफी में दोहरे शतक
277– एन. जगदीशन (तमिलनाडु) बनाम अरुणाचल प्रदेश
227*– पृथ्वी शॉ (मुंबई) बनाम पुडुचेरी
220*– ऋतुराज गायकवाड़ (महाराष्ट्र) बनाम उत्तर प्रदेश
212*– संजू सैमसन (केरल) बनाम गोवा
212– स्वास्तिक सामल (ओडिशा) बनाम सौराष्ट्र
203– यशस्वी जायसवाल (मुंबई) बनाम झारखंड
202– कर्ण कौशल (उत्तराखंड) बनाम सिक्किम
200– समर्थ व्यास (सौराष्ट्र) बनाम मणिपुर
200*– अमन राव (हैदराबाद) बनाम बंगाल

More Stories
Indian Premier League 2026 में बिगड़ा खेल! विदेशी खिलाड़ियों ने बदल दिए टीमों के समीकरण
केकेआर पर संकट गहराया: हर्षित के बाद आकाश दीप भी पूरे आईपीएल सीजन से बाहर
पंजाब किंग्स की कप्तानी का ‘कांटों भरा ताज’, जिसे हटाने में 17 धुरंधर हुए नाकाम