जयपुर.
राजस्थान में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की आस लगाए बैठे रेल यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आ रही है। माना जा रहा है कि राजस्थान को जल्द ही पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सौगात मिल सकती है। दरअसल, उत्तर-पश्चिम रेलवे ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के संचालन का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेज दिया है।
प्रस्ताव के अनुसार यह ट्रेन दिल्ली से अहमदाबाद वाया जयपुर रूट पर चल सकती है, जिससे राजस्थान के यात्रियों को दिल्ली और अहमदाबाद के लिए बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। रेलवे सूत्रों के मुताबिक दिल्ली से अहमदाबाद के बीच जल्द ही वंदे भारत स्लीपर ट्रेन दौड़ती नजर आएगी। इस ट्रेन का ठहराव जयपुर, अजमेर और आबू रोड जैसे प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर हो सकता है। रेलवे बोर्ड से हरी झंडी मिलने के बाद जयपुर को दोहरा लाभ मिलेगा। एक ओर जयपुर से दिल्ली और दूसरी ओर जयपुर से अहमदाबाद का सफर सुविधाजनक हो जाएगा। साथ ही समय की भी काफी बचत होगी।
कब चलेगी यह ट्रेन?
रेलवे सूत्रों के अनुसार रेलवे बोर्ड से मंजूरी के बाद सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी कर ली जाएगी। ऐसे में माना जा रहा है कि सब कुछ सही रहा तो मार्च तक स्लीपर वंदे भारत ट्रेन राजस्थान में दौड़ती नजर आएगी। इससे रेल यात्रियों को कम समय में बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
राजस्थान के इन स्टेशनों पर हो सकता है ठहराव
प्रस्तावित रूट के अनुसार दिल्ली-अहमदाबाद के बीच चलने वाली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन राजस्थान से होकर गुजरेगी। यह ट्रेन प्रदेश के प्रमुख शहरों को जोड़ेगी। बताया जा रहा है कि जयपुर, अजमेर और आबू रोड रेलव स्टेशन पर इस ट्रेन का ठहराव हो सकता है। ऐसे में पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को काफी फायदा होगा।
रेल यात्रियों को मिलेगा बेहतर विकल्प
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लंबी दूरी के यात्रियों के लिए एक आधुनिक और आरामदायक विकल्प साबित होगी। विशेष रूप से यह ट्रेन रात के सफर के लिहज से डिजाइन की गई है। ट्रेन के आधुनिक कोच, बेहतर स्लीपिंग अरेंजमेंट और उन्नत सुविधाएं यात्रियों को प्रीमियम अनुभव देंगी।

More Stories
वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री देवांगन ने कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 61.82 लाख की लागत से निर्मित रैन बसेरा का किया लोकार्पण
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ग्राम जैतपुरी को दी 2.98 करोड़ रुपए के नवीन विद्युत उपकेंद्र की सौगात
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स (तीसरा दिन)रू कर्नाटक का दबदबा कायम मणिकांता एल बने स्टार