लुधियाना.
लगातार बढ़ती आपराधिक वारदातों और कानून-व्यवस्था को लेकर अब पुलिस प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। हथियारों के दम पर खौफ पैदा करने वालों और नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी स्ट्राइक की है। पुलिस कमिश्नर ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि शहर के करीब 200 आर्म्स होल्डर्स के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से हथियार रखने के शौकीन लोगों में हड़कंप मच गया है।
पुलिस कमिश्नर ने पत्रकारों से रूबरू होते हुए साफ किया कि पुलिस अब आर्म्स होल्डर्स पर किसी भी तरह की ढील बरतने के मूड में नहीं है। उन्होंने बताया कि जिन 200 लोगों के लाइसेंस कैंसिल किए गए हैं, उनके खिलाफ आगामी कानूनी प्रक्रिया भी अमल में लाई जा रही है। पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि अगर हथियारों के नियमों का उल्लंघन हुआ, तो सीधे लाइसेंस रद्दीकरण की तलवार लटकेगी। लाइसेंस रद्द करने के साथ-साथ पुलिस ने एक और गंभीर मुद्दे पर शिकंजा कसा है। पुलिस ने सिविल अस्पताल के एसएमओ (SMO) से 11 लोगों की डोप टेस्ट रिपोर्ट को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है। दरअसल, पिछले कुछ दिनों में नकली डोप टेस्ट की रिपोर्ट बनवाकर लाइसेंस रिन्यू कराने या बनवाने के कुछ संदिग्ध मामले सामने आए थे, जिसके बाद पुलिस ने अस्पताल प्रशासन से इस पर सफाई मांगी है।
SMO की दो टूक: जीरो टॉलरेंस पॉलिसी पर हो रहा काम
जब सिविल अस्पताल के एसएमओ अखिल सरीन से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन स्वास्थ्य विभाग की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी के तहत काम कर रहा है। उन्होंने सफाई दी कि डोप टेस्ट की रिपोर्ट चार डॉक्टरों की एक विशेष टीम की देखरेख में तैयार की जाती है। जहां तक उन 11 संदिग्ध रिपोर्टों का सवाल है, तो वे उनके पदभार संभालने से पहले की हैं। एसएमओ ने भरोसा दिलाया कि इन पुरानी रिपोर्टों की भी बारीकी से जांच की जा रही है और सरकार की नीतियों के अनुसार बिल्कुल पारदर्शी तरीके से काम किया जा रहा है ताकि किसी भी फर्जीवाड़े की गुंजाइश न रहे।

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