रोहतक.
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) में कुलपति का कार्यकाल समाप्त होने से ठीक दो दिन पहले हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। सरकार की स्पष्ट मनाही के बावजूद कार्यकारी परिषद (ईसी) की बैठक बुलाकर भर्तियों को अंतिम मंजूरी देने की कोशिश, फिर कुलसचिव और वरिष्ठ प्रोफेसर का निलंबन और उसके बाद राज्यपाल की ओर से कुलसचिव की बहाली, इन घटनाओं ने रोहतक से लेकर चंडीगढ़ तक हलचल मचा दी।
शिक्षक व छात्र संगठनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और विवादित भर्तियों को खारिज करने की मांग की है।
दरअसल, 20 फरवरी को कुलपति प्रो.राजबीर सिंह का कार्यकाल पूरा होना है। इससे पहले 302वीं ईसी बैठक बुलाई गई। 14 जनवरी को उच्चतर शिक्षा विभाग, हरियाणा सरकार ने निर्देश जारी कर बैठक को पुनर्निर्धारित करने और बिना सरकारी अनुमति कोई नियुक्ति आदेश जारी न करने को कहा था।
17 फरवरी को किया था निलंबित
इसके बावजूद बैठक हुई और नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ी। 17 फरवरी को अतिरिक्त मुख्य सचिव, उच्चतर शिक्षा विभाग ने पत्र जारी कर 302वीं बैठक को सरकार के निर्देशों का उल्लंघन बताया और प्रस्तावित 304वीं ईसी बैठक को भी स्थगित करने के निर्देश दिए। इस बैठक में 302वीं बैठक की पुष्टि कर भर्तियों पर अंतिम मुहर लगनी थी। इसके बाद 17 फरवरी की रात करीब 11 बजे कुलपति ने उन्हें निलंबित कर दिया। आदेश उनके निवास पर भेजे गए। इसी बीच कुलसचिव डा. कृष्ण कांत गुप्ता ने आदेश जारी कर शाखा अधिकारियों को बैठक में भाग न लेने के निर्देश दिए।
वरिष्ठ प्रोफेसर डा. नसीब सिंह गिल को भी उसी रात निलंबित किया गया, जबकि उस समय उनके बेटे की शादी का कार्यक्रम चल रहा था। इसे अमानवीय बताते हुए शिक्षकों ने कुलपति कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस बल को भी बुलाना पड़ा। मामला तब पलटा जब बुधवार सुबह 11:40 बजे राज्यपाल एवं कुलाधिपति ने डा. कृष्ण कांत की बहाली के आदेश जारी कर दिए और 304वीं बैठक को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया। इस मामले में जनसंपर्क निदेशक प्रो. आशीष दहिया ने बताया कि कार्यकारी परिषद की बुधवार को निर्धारित बैठक स्थगित कर दी गई है।
कुलाधिपति ने निलंबन निरस्त किया –
सरकार सर्वोपरि है। आदेशों का पालन होना चाहिए। कुलाधिपति ने निलंबन निरस्त किया। सरकार के निर्देश मानते हुए ईसी बैठक स्थगित कर दी गई है। मैं कुलपति का सम्मान करता हूं और राज्यपाल का आभार व्यक्त करता हूं।
– डा. कृष्ण कांत गुप्ता, कुलसचिव, एमडीयू।

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