March 21, 2026

अमृतसर मार्केट में अवैध निर्माण का खेल: बिना मंजूरी तानी मंजिलें, निगम पर सवाल

अमृतसर.

शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र आईडीएच मार्केट में अवैध निर्माण का मामला सामने आने के बाद नगर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बस स्टैंड के साथ लगते इस मार्केट में दुकान नंबर 14-15 के ऊपर बिना नक्शा पास कराए लगातार निर्माण कार्य जारी है, लेकिन संबंधित विभाग कार्रवाई करने की बजाय चुप्पी साधे हुए हैं।

जानकारी के अनुसार, नगर निगम द्वारा नीचे की दुकानें किराए पर दी गई हैं, जबकि इनके ऊपर अवैध रूप से दो से चार मंजिल तक निर्माण कर दिया गया है। हैरानी की बात यह है कि पिछले डेढ़ महीने से निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, लेकिन निगम का एस्टेट और एमटीपी विभाग अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा पाया। इस मामले को लेकर समाजसेवी जय गोपाल लाली ने बताया कि कार्रवाई का अधिकार होने के बावजूद एस्टेट और एमटीपी विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं, जिसके चलते अवैध निर्माण पर रोक नहीं लग पा रही। उन्होंने यह भी बताया कि इन दुकानों से जुड़े दस्तावेज वर्ष 2004 के हैं, जिनमें कई तकनीकी खामियां सामने आई हैं, जिससे पूरे मामले पर संदेह और गहरा गया है।

स्थानीय व्यापारियों और आसपास के लोगों में इस मुद्दे को लेकर भारी रोष है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस अवैध निर्माण को नहीं रोका गया, तो भविष्य में यह किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। मौके की स्थिति के अनुसार, ग्राउंड फ्लोर की दुकानों के बीच से ऊपर जाने के लिए सीढ़ियां बनाई गई हैं, जो ऊपरी मंजिल तक जाती हैं। ऊपर का निर्माण होटलनुमा ढंग से किया जा रहा है, जिससे कई तरह के सुरक्षा और वैधता संबंधी सवाल खड़े हो रहे हैं।

गौरतलब है कि नगर निगम का एस्टेट विभाग रोजाना शहर में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करता है, लेकिन इस मामले में विभाग की चुप्पी लोगों के गले नहीं उतर रही। वहीं, एमटीपी विभाग के अधिकारी नरेंद्र शर्मा से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन उठाना जरूरी नहीं समझा। इस संबंध में नगर निगम कमिश्नर बिक्रमजीत सिंह शेरगिल ने कहा कि उनके पास अभी तक इस मामले को लेकर कोई औपचारिक शिकायत नहीं आई है, लेकिन वे इसकी जांच करवाएंगे। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और अवैध निर्माण को तुरंत रोका जाए।