नई दिल्ली
लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान किसानों की आय दोगुनी करने के मुद्दे पर मंगलवार को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सरकार का पक्ष रखते हुए कई अहम बातें कहीं। उन्होंने दावा किया कि देश में कई किसानों की आय दोगुनी ही नहीं, बल्कि यह कई गुना तक बढ़ी है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों की आय सिर्फ दोगुनी ही नहीं हुई है बल्कि इसमें दो-तीन गुना तक इजाफा हुआ है और कुछ मामलों में यह आंकड़ा आठ गुना तक बढ़ा है। विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकारों के समय गांवों में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी थी।
उन्होंने कहा, "उस समय न बिजली थी, न पानी और न ही सड़कें थीं।" मध्य प्रदेश का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि पहले वहां किसानों को सिर्फ एक ही फसल मिल पाती थी, क्योंकि बिजली की स्थिति बेहद खराब थी। उन्होंने कहा, "बिजली आती कम थी, जाती ज्यादा थी। कई बार तो सिर्फ बिजली के बिल ही आते थे।"
उन्होंने बताया कि सरकार ने सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया और 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई। इसका परिणाम यह हुआ कि आज मध्य प्रदेश में किसान साल में तीन-तीन फसलें ले रहे हैं, जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी हुई है। केंद्रीय मंत्री ने कृषि बजट में बढ़ोतरी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले कृषि बजट 19,306 करोड़ रुपए था, जिसे बढ़ाकर अब 1 लाख 30 हजार करोड़ रुपए से अधिक कर दिया गया है। अगर कृषि और इससे जुड़े क्षेत्रों को मिलाकर देखा जाए तो कुल बजट 5 लाख करोड़ रुपए से भी ज्यादा हो गया है।
उत्पादन के आंकड़ों पर बात करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पहले जहां उत्पादन 14 प्रतिशत के आसपास था, अब इसे बढ़ाकर 44 प्रतिशत तक पहुंचाया गया है।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार किसानों को हर साल 6,000 रुपए की सहायता 'निधि सम्मान' के रूप में दे रही है। इसके अलावा किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के जरिए किसानों को आसानी से लोन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
बता दें कि लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने किसानों की आय को लेकर सवाल किया था, जिस पर केंद्रीय कृषि एवं कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जवाब दिया।

More Stories
रेल यात्रियों को बड़ी राहत: टिकट कैंसिलेशन के नए नियम लागू, जानें क्या बदला
ऑस्ट्रेलिया: 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी डिवाइस चलाने पर लगेगा प्रतिबंध
दुनिया में सबसे जहरीली हवा: पाकिस्तान बना नंबर-1 प्रदूषित देश, 13 गुना ज्यादा खतरा