March 24, 2026

ईरान युद्ध का असर भारत तक, हालात पर चर्चा के लिए सरकार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक

नई दिल्ली
मध्य एशिया में जारी तनाव का असर भारत पर भी देखने को मिल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक दिन पहले ही कहा है कि हमें भी तैयार रहने की जरूरत है। वहीं अब सूत्रों का कहना है कि सरकार ने बुधवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। जानकारी के मुताबिक बुधवार को शाम पांच बजे सर्वदलीय बैठक होगी। इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक बैठक करके क्षेत्रीय सुरक्षा की समीक्षा की थी। उन्होंने सीडीएस जनरल अनिल चौहान, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह और जनरल उपेंद्र द्विवेदी व ऐडमिरल डिनेश के त्रिपाठी के अलावा डीआरडीओ चेयरमैन के साथ बैठक करके तैयारियों की जानकारी ली।

ईरान और इजरायल-ईरान के बीच जारी युद्ध अब चौथे सप्ताह में प्रवेश कर गया है। वहीं होर्मुज स्ट्रेट बंद होने की वजह से पूरी दुनिया ऊर्जा संकट से जूझने लगी है। बता दें कि अमेरिका और इजरायल ने अचानक ईरान पर हमला करके उसेक सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की हत्या कर दी थी। इसी के बाद से तनाव बढ़ता ही चला गया और ईरान ने खाड़ी देशों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया।

राज्यसभा में भी बयान दे सकते हैं पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा में इस संकट को लेकर बयान दिया था। वहीं जानकारी के मुताबिक आज वह राज्यसभा में भी अपनी बात रख सकते हैं। पीएम मोदी ने लोकसभा में कहा था कि मध्य एशिया में जारी इस तनाव का असर भारत पर भी पड़ सकता है। ऐसे में भारत जिस तरह से कोरोना संकट के दौरान तैयार था, वैसे ही तैयार रहने की जरूरत है।

पीएम मोदी ने कहा था कि पश्चिमी एशिया में जो कुछ भी हो रहा है वह बहुत ही दुखद और चिंतनीय है। उन्होंने कहा कि इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ ही आम आदमी के जीवन पर भी पड़ रहा है। ऐसे में सारा विश्व यही चाहता है कि युद्ध जल्द रुके। पीएम मोदी ने कहा कि भारत में तेल और गैस की आपूर्ति ज्यादातर उन्हीं देशों से होती है जो कि युद्ध के चपेट में हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और इसके कारण भारत के सामने आई चुनौतियों पर लोकसभा में वक्तव्य देते हुए यह भी कहा था कि इस संकट का सामना देशवासियों को कोरोना संकट की तरह ही करना होगा। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट और व्यावसायिक जहाजों पर हमलों को अस्वीकार्य बताते हुए कहा था कि इस समस्या का समाधान कूटनीति और बातचीत से ही संभव है तथा भारत तनाव को कम करने व संघर्ष समाप्त करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है।