April 1, 2026

आज से स्कूलों में प्रवेश उत्सव: तिलक के साथ होगा स्वागत, मुफ्त किताबों का वितरण

भोपाल 

जिले के सभी शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में आज 1 अप्रैल से नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत प्रवेश उत्सव के साथ होगी। कलेक्टर संदीप जीआर ने निर्देश दिए हैं कि सभी स्कूलों में जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों और अधिकारियों की उपस्थिति में कार्यक्रम आयोजित किया जाए तथा आने वाले विद्यार्थियों और पालकों का तिलक लगाकर सम्मानपूर्वक स्वागत किया जाए।उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अभिभावकों को विशेष आमंत्रण देकर विद्यालयों से जोड़ा जाए। सत्र शुरू होते ही विद्यार्थियों को निशुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण भी किया जाएगा।

राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल के निर्देशानुसार 31 मार्च तक कक्षा 1 से 8 तक सभी शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाना है।स्कूल चलें हम अभियान के प्रथम चरण के तहत प्रवेश उत्सव आयोजित होगा। शिक्षा पोर्टल 3.0 पर कक्षा उन्नयन की प्रक्रिया पूरी कर कक्षा 2 से 8 और 9 से 11 तक विद्यार्थियों का नामांकन दर्ज किया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी और जिला परियोजना समन्वयक ने ब्लॉक स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए हैं। इस अवसर पर प्राथमिक, माध्यमिक, हाई और हायर सेकेंडरी विद्यालयों में कार्यक्रम और विशेष भोज का आयोजन भी किया जाएगा। बालसभा में अभिभावकों को नामांकन, उपस्थिति, छात्रवृत्ति, गणवेश, साइकिल और निशुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण होगा ।

राज्य स्तरीय आयोजन

"स्कूल चलें हम" अभियान का राज्य स्तरीय कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में होगा। कार्यक्रम के आयोजन को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा तैयारी भी शुरू कर दी गई है।

जिला-शाला स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम

प्रदेश में जिले के प्रभारी मंत्री जिला स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम चयनित स्कूलों में होगा। कार्यक्रम में सांसद, विधायक एवं अन्य जन-प्रतिनिधि शामिल होंगे। उपस्थित छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तकें वितरित की जायेंगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने ऐसी व्यवस्था की है कि नये शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में विद्यार्थियों को पाठ्य-पुस्तकें मिल जायें। इस संबंध में विभाग द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी और मैदानी अमले को निर्देश भी जारी कर दिये गये हैं। ग्राम और बसाहट के शाला से बाहर रहे चिन्हित बच्चों का शाला में नामांकन कराया जायेगा। बच्चों के अभिभावकों का शाला स्तर पर स्वागत किया जायेगा। कक्षा 1 से 8 तक सभी शालाओं में एक अप्रैल को बालसभा का आयोजन किया जायेगा। इस दिन शालाओं में विशेष भोजन की व्यवस्था भी की गई है।

भविष्य से भेंट कार्यक्रम

"स्कूल चलें हम" अभियान के दूसरे दिन शालाओं में “भविष्य से भेंट’’ कार्यक्रम होगा। इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों के प्रसिद्ध, प्रबुद्ध और सम्मानित व्यक्तियों को एक प्रेरक की भूमिका में विद्यार्थियों से भेंट के लिये आमंत्रित किया जायेगा। इसी दिन स्थानीय स्तर पर विशिष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले खिलाड़ी, साहित्यकार, कलाकार, मीडिया, संचार मित्रों, पुलिस अधिकारी, राज्य शासन के अधिकारी को विशेष रूप से आमंत्रित किया जायेगा। आमंत्रित अतिथि उपस्थित बच्चों को पढ़ाई के महत्व और प्रेरणादायी कहानियां सुनाएंगे। इस दौरान सामाजिक संस्था एवं आमंत्रित व्यक्ति स्वेच्छा से विद्यार्थियों को शाला उपयोगी वस्तुएं भेंट कर सकेंगे। जिला कलेक्टर को जिले के प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों को किसी एक शाला में जाकर एक कालखण्ड में बच्चों के साथ संवाद करने के लिये संवाद करने के भी निर्देश दिये गये हैं।

सांस्कृतिक एवं खेल-कूद गतिविधियाँ

"स्कूल चलें हम" अभियान के अंतर्गत 3 अप्रैल को शाला स्तर पर पालकों के साथ सांस्कृतिक एवं खेल-कूद की गतिविधियां आयोजित की जायेंगी। इसका उद्देश्य पालकों का विद्यालय से जोड़ना है। इसी दिन शाला में उपस्थित पालकों को शैक्षणिक स्टॉफ द्वारा राज्य सरकार की स्कूल शिक्षा से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जायेगी। पिछले शैक्षणिक सत्र में जिन विद्यार्थियों की 85 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति रही है, उनके पालकों को सभा में सम्मानित किया जायेगा।

हार के आगे जीत

"स्कूल चलें हम" अभियान के अंतर्गत 4 अप्रैल को ऐसे छात्रों को चिन्हित किया जायेगा, जो किन्हीं वजहों से कक्षोन्नति प्राप्त करने में असफल हो गये हैं। पालकों को इन बच्चों की आगे की पढ़ाई के लिये समझाइश दी जायेगी। उन्हें बताया जायेगा कि असफल होने के बाद भी लगातार प्रयास से अच्छा भविष्य तैयार किया जा सकता है। इसी दिन शाला प्रबंधन और विकास समिति की बैठक भी होगी। बैठक में नये शैक्षणिक सत्र में ऐसे बच्चों पर विशेष रूप से चर्चा की जायेगी, जिनका शालाओं में नामांकन नहीं हो पाया है। समिति के सदस्य अपने विद्यालयों में शत-प्रतिशत बच्चों के नामांकन की कोशिश करेंगे और वार्षिक कार्य-योजना बनाकर उसके क्रियान्वयन पर चर्चा करेंगे।